रेज्ड बेड तकनीक अपनायें किसान : श्री चौहान

Share

1 जुलाई 2022, खरगोन । रेज्ड बेड तकनीक अपनायें किसान : श्री चौहान –  किसान फसल बुवाई यदि (डबल पेटी) सीड कम फर्टिलाइजर्स सीड ड्रिल से करते हैं तो बहुत अच्छा है, जिससे उर्वरक एवं बीज अलग-अलग रहता है और उवर्रक बीज के नीचे गिरता है तो लगभग 80 प्रतिशत उपयोग हो जाता है। डबल पेटी वाली मशीन ना हो तो अंतिम जुताई के समय पर अनुशंसित उर्वरक का उपयोग करें। यह बात भगवानपुरा विकासखंड के ग्राम बनेर के कृषक श्री रमेश चंद्र उमराव पटेल के खेत पर सोयाबीन की बुवाई देखकर जिले के उप संचालक कृषि श्री एम.एल. चौहान ने उपस्थित कृषकों से कही।

श्री चौहान ने 75 से 80 किलोग्राम बीज प्रति हेक्टर बुवाई में उपयोग करने की सलाह दी। जिले में किसानों को रेज्ड बेड (मेड़ नाली पद्धति) विधि से फसल की बुवाई करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस तकनीक से बुवाई करने में कम वर्षा एवं अधिक वर्षा दोनों की स्थिति में फसल को कोई नुकसान नहीं होता है। किसान कृषि भूमि (जोत) के अनुसार कम से कम 2 से 3 प्रजाति के बीजों की बुवाई करें। भ्रमण के दौरान कृषि अधिकारी उपस्थित थे।

महत्वपूर्ण खबर: दक्षिण -पश्चिम मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय

Share
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published.