राज्य कृषि समाचार (State News)

किसानों ने ट्विटर पर सोयाबीन भाव 6000 की मांग रखी

02 सितम्बर 2024, इंदौर: किसानों ने ट्विटर पर सोयाबीन भाव 6000 की मांग रखी – मध्यप्रदेश में किसानों द्वारा सोयाबीन फसल के भाव की मांग अलग-अलग माध्यम से सरकार तक पहुंचे इसका प्रयास लगातार किया जा रहा है। इसी कड़ी में संयुक्त किसान मोर्चा मध्यप्रदेश के आह्वान  पर गत 30 अगस्त को शाम 4:00 बजे से हजारों किसानों ने डिजिटल मोर्चा संभालते हुए ट्विटर पर #सोयाबीन_भाव_6000_करो हैशटैग पर ट्वीट करके अपनी मांग रखी ।

 संयुक्त किसान मोर्चा मध्यप्रदेश के मीडिया प्रभारी श्री रंजीत किसानवंशी ने बताया  कि सोयाबीन के भाव का मुद्दा मध्य प्रदेश का सबसे प्रमुख मुद्दा बन गया है। गांव गांव में किसान ज्ञापन देकर सोयाबीन का भाव ₹6000 प्रति  क्विंटल  किए जाने की मांग कर रहे हैं । ट्विटर पर भी हमने इसी मांग को लेकर ट्रेंड कराया है। जिसमें देश भर के बुद्धिजीवी, पत्रकार, कृषि अर्थशास्त्री ने किसानों की मांग का समर्थन किया है। इस मांग को प्रदेश का हर वर्ग समर्थन दे रहा है । किसान सोई हुई सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का हर उचित प्रयास कर रहा है चाहे वह गांव गांव ज्ञापन देना हो या डिजिटल प्रकार में ट्विटर ट्रेंड करना हो ।” मध्य प्रदेश के सभी जिलों में गांव गांव जाकर इस मुहिम के लिए किसानों को जोड़ रहे हैं गांव-गांव ज्ञापन दिए जा रहे हैं। बता दें कि  संयुक्त किसान मोर्चा मध्य प्रदेश द्वारा 1 से 7 सितंबर एक सप्ताह तक लगातार प्रत्येक गांव में सचिव को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने का कार्यक्रम तय किया जा चुका है ।

किसान नेताओं  के  विचार – राजगढ़ के किसान नेता श्री विजय सिंह मीणा ने कहा कि आज का किसान पढ़ा लिखा है। अपनी मांग को रखने के लिए टेक्नोलॉजी का भरपूर उपयोग करता है।  हमारे बेटे शहरों में पढ़ रहे हैं। उनको पता है अपनी मांग को प्रभावित तरीके से रखने के लिए सोशल मीडिया का कैसे उपयोग करना है ।जबकि भारतीय किसान श्रमिक जनशक्ति यूनियन, मध्यप्रदेश  के प्रदेश अध्यक्ष श्री  संदीप ठाकुर ने कहा कि  हम अपनी मांग को सरकार तक पहुंचाने के लिए ,अपने दर्द को बताने के लिए प्रयास कर रहे हैं । किसानों का कोई बोलने वाला नहीं है। इसलिए हम सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार तक सोयाबीन का भाव 6000 हो इस मांग को पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं इसके बाद 1 सितंबर से गांव-गांव ज्ञापन दिए जाएंगे । वहीं किसान जागृति संगठन के श्री  इरफान जाफरी ने कहा कि  किसानों को मजदूर बनाने के लिए कई शक्तियां लगी हुई है। जिनमें देश से लेकर विदेश की शक्तियां भी शामिल है । यह चाहते हैं किसानों को उनकी फसल का उचित दाम ना मिले ,जिससे किसान खेती छोड़ने पर मजबूर हो जाए और बड़े -बड़े पूंजीपति उनके खेत को भी खरीद ले और किसान को मजदूर बनाकर उनका सस्ती लेबर के रूप में उपयोग ले ।

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