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राज्य कृषि समाचार (State News)

पंजाब के किसानों को गेहूं के प्रमाणित बीज पर मिलेगी 50 करोड़ की सब्सिडी

05 अक्टूबर 2026, चंडीगढ़: पंजाब के किसानों को गेहूं के प्रमाणित बीज पर मिलेगी 50 करोड़ की सब्सिडी – रबी सीजन 2026-27 की बुवाई शुरू होने से पहले पंजाब के किसानों को गेहूं के प्रमाणित बीज पर बड़ी राहत मिली है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन (NFSNM) के बीज घटक के तहत पंजाब के लिए 50 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंजूरी दी है।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मंजूरी की सूचना पत्र के माध्यम से पंजाब के नेतृत्व को दी। पत्र में कहा गया है कि यह सहायता राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के बीज घटक के अंतर्गत दी जाएगी।

बुवाई से पहले मिलेगा सस्ता और गुणवत्तापूर्ण बीज

इस सब्सिडी का मकसद यह है कि किसानों को रबी की बुवाई शुरू होने से ठीक पहले गुणवत्तापूर्ण प्रमाणित बीज रियायती दर पर मिल सकें। प्रमाणित बीज खेत में डालने से पहले कई स्तर की जांच से गुजरता है, जिससे अंकुरण दर और रोग-मुक्त होने की गारंटी बेहतर रहती है।

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किसान अक्सर अपने पिछले साल के बचे हुए बीज को ही दोबारा बुवाई में इस्तेमाल कर लेते हैं, जिससे धीरे-धीरे उपज की गुणवत्ता पर असर पड़ने लगता है। सरकारें इसी कारण हर साल बीज प्रतिस्थापन बढ़ाने के लिए सब्सिडी वाली योजनाएं चलाती हैं, और पंजाब के लिए मिली यह मंजूरी उसी कोशिश की कड़ी है।

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भाजपा पंजाब अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने इस फैसले की जानकारी सार्वजनिक करते हुए कहा कि यह फैसला किसानों को बुवाई से पहले ही गुणवत्तापूर्ण बीज तक पहुंच सुनिश्चित करेगा। उन्होंने इसे राज्य के किसानों के लिए समय पर मिली मदद बताया।

आगे का रास्ता राज्य सरकार के हाथ

अभी तक इस बारे में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि 50 करोड़ रुपये की इस राशि से कितने किसानों को फायदा मिलेगा या कितनी मात्रा में बीज उपलब्ध कराया जाएगा। आम तौर पर ऐसी योजनाओं में राज्य का कृषि विभाग या बीज निगम ही जिलेवार आवंटन और वितरण केंद्र तय करता है।

पंजाब देश के सबसे बड़े गेहूं उत्पादक राज्यों में शामिल है, और रबी बुवाई हर साल अक्टूबर-नवंबर में शुरू होती है। ऐसे में बुवाई शुरू होने से पहले यह मंजूरी मिलना किसानों के लिए समय की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत बीज घटक पहले से देश के कई राज्यों में प्रमाणित बीज के वितरण और बीज प्रतिस्थापन दर बढ़ाने के काम में इस्तेमाल होता रहा है। यह मिशन कुछ साल पहले पुरानी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना को विस्तार देकर बनाया गया था, जिसमें अनाज के साथ पोषण से जुड़ी फसलों को भी शामिल किया गया है। आने वाले दिनों में पंजाब के कृषि विभाग की ओर से इस सब्सिडी के वितरण का पूरा ब्यौरा सामने आने की उम्मीद है।

आम तौर पर ऐसी सब्सिडी योजनाओं में किसानों को सरकारी बीज निगम, सहकारी समितियों या अधिकृत डीलरों के माध्यम से रियायती दर पर बीज उपलब्ध कराया जाता है। किसान अपने नजदीकी कृषि विभाग के दफ्तर या सहकारी समिति से यह जानकारी ले सकते हैं कि उनके जिले में प्रमाणित बीज कब और कहां से मिलना शुरू होगा।

पंजाब में गेहूं की बुवाई हर साल अक्टूबर के आखिरी हफ्ते से शुरू होकर नवंबर के मध्य तक चलती है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर और गुणवत्तापूर्ण बीज मिलने से न सिर्फ उपज बेहतर होती है, बल्कि बीमारी और कीट लगने का खतरा भी कुछ हद तक कम हो जाता है, क्योंकि प्रमाणित बीज को पहले से ही कई तरह के परीक्षणों से गुजारा जाता है।

पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्य देश की गेहूं की पैदावार में बड़ा हिस्सा रखते हैं, इसलिए यहां बीज की गुणवत्ता में थोड़ा भी सुधार बड़े स्तर पर असर डाल सकता है। यही वजह है कि केंद्र सरकार हर साल रबी सीजन से पहले राज्यों को बीज सब्सिडी देने पर खास ध्यान देती है।

कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक प्रमाणित बीज खरीदते समय किसानों को बीज के पैकेट पर लगे प्रमाणन टैग और बैच नंबर जरूर देखना चाहिए, ताकि नकली या घटिया बीज से बचा जा सके। सब्सिडी वाले बीज अक्सर सीमित मात्रा में ही उपलब्ध होते हैं, इसलिए समय रहते अपने नजदीकी वितरण केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी जाती है।

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