भारत को आत्मनिर्भर बनाने में सभी का योगदान व जिम्मेदारी: महंत प्रताप पुरी
25 अप्रैल 2026, भोपाल: भारत को आत्मनिर्भर बनाने में सभी का योगदान व जिम्मेदारी: महंत प्रताप पुरी – कृषि विज्ञान केंद्र पोकरण मे पिछले 15 दिनों से चल रहे खुदरा उर्वरक विक्रय प्राधिकार विषयक प्रशिक्षण शिविर का मंगलवार को प्रमाण पत्र वितरण के साथ समापन हुआ। केन्द्र अध्यक्ष डॉ दशरथ प्रसाद ने बताया कि प्रशिक्षण मे जैसलमेर जिले सहित जोधपुर, फलोदी, बीकानेर, बाड़मेर, सवाई माधोपुर, चुरू, झुंझनु व भरतपुर जिलों से 35 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि पोकरण विधायक महंत प्रताप पुरी ने प्रशिक्षण मे उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों को किसानों एवं केंद्र के बीच कड़ी का कार्य करने की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुये खुदरा उर्वरक विक्रेता प्रशिक्षण में कृषि विज्ञान केन्द्र के द्वारा दी गयी जानकारी व प्रशिक्षण में अर्जित किया गया ज्ञान को अधिक से अधिक किसानों तक पहुचाने का आव्हान किया। अपने उद्बोधन मे बताया कि किसान को मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनवाना चाहिए तथा उसी के अनुसार सिफारिस की गई सन्तुलित खाद एंव उर्वरको का सही समय पर सही मात्रा मे सही तरीके से उपयोग करे ताकि उनकी उपयोग दक्षता बढ सके। उन्होने केंद्र द्वारा संचालित गतिविधियों एवं कृषि वैज्ञानिकों के कार्यो की सहराना करते हुये समय की मांग एवं क्षेत्र की भोगोलिक परिस्थितियों के अनुसार कृषि की नवीनतम तकनीकियों के प्रसार प्रचार करने पर ज़ोर दिया। केंद्र के प्रभारी एवं कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ दशरथ प्रसाद ने बताया कि खुदरा उर्वरक विक्रेता गावो मे किसानो के प्रथम मित्र होते है, अत उर्वरक विक्रेताओं का भी कर्तव्य बनता है कि उनके विश्वास पर खरे उतरे तथा पारदर्शिता के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारीयो का पालन करे।
कृषि मे उत्पादकता एंव आमदनी बढाने हेतु आदानो कि उपयोग दक्षता तक बढानी होगी उन्नत फसल प्रौद्योगिकी को अपनाना पडेगा तथा समन्वित कृषि पद्द्ति मॉडल को लागू करना होगा तथा खेतों मे मशीनीकरण करना होगा। खाद्यानो मे हम आत्म निर्भर जरूर हो गये है किन्तु गुणवता पर ध्यान देना होगा जो आज कि आवश्यकता है वरना मानव स्वास्थ्य पर विपरित प्रभाव पडेगा। प्रशिक्षण शिविर के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को सफलता पूर्वक प्रशिक्षण लेने के उपरांत भविष्य मे अपने कौशल विकास का प्रमाण पत्र देने हेतु खुदरा उर्वरक विक्रय प्राधिकार प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। शिविर मे उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों ने विशेषज्ञों के व्यख्यानों एवं प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को रूचिकर एवं ज्ञानवर्धक बताया। प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ सुनील शर्मा, डॉ के जी व्यास एवं डॉ राम निवास ढाका का योगदान रहा। कार्यक्रम के समापन पर केन्द्र अध्यक्ष डॉ दशरथ ने मुख्य अतिथि, सभी प्रशिक्षणार्थियों व स्टाफ का धन्यवाद ज्ञापित किया।
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