अलसी व दलहनी फसलों के उत्पादन पर जोर

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कृषि विज्ञान केन्द्र तथा कृषि महाविद्यालय द्वारा जिला स्तरीय किसान मेला सह संगोष्ठी

26 मार्च 2021, बेमेतरा । अलसी व दलहनी फसलों के उत्पादन पर जोर –  कृषि विज्ञान केन्द्र तथा कृषि महाविद्यालय व अनुसंधान केन्द्र ढोलिया बेमेतरा के संयुक्त तत्वधान में जिला स्तरीय किसान मेला सह संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मेला का मुख्य उद्देश्य अलसी व दलहनी फसलों तथा खरीफ/रबी फसलों के बीज उत्पादन को प्रत्साहित करना था। (मेला अखिल भारतीय समन्वित अलसी अनुसंधान परियोजना, अखिल भारतीय समन्वित मुलार्प अनुसंधान परियेजना तथा राष्ट्रीय बीज परियोजना- मेगा सीड परियोजना द्वारा प्रायोजित था।) कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे विशिष्ट अतिथि विधायक बेमेतरा श्री आशीष छाबड़ा, डॉ. एस. के. पाटील (कुलपति इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर) डॉ. एस. सी. मुखर्जी निदेशक विस्तार सेवायें, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर, डॉ. आर. के. द्विवेदी अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय व अनुसंधान केन्द्र, कवर्धा, डॉ. डी. एस. ठाकुर अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय व अनुसंधान केन्द्र, साजा, बंशी पटेल, श्रीमती प्रज्ञा निर्वाणी (जिला पंचायत सदस्य बेमेतरा) के साथ जिला, जनपद व पंचायत के अन्य जन प्रतिनिधियों की गरिमामय उपस्थिति रही। जिला प्रशासन से श्री दुर्गेश वर्मा एस.डी.एम., उपसंचालक कृषि श्री एम. डी. मानकर, डॉ. के. पी. वर्मा अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय ढोलिया (बेमेतरा), एस.डी.ओ. सोलंकी शर्मा व सभी ब्लाक के एस.ए. डी.ओ./आर. ए. इ.ओ. उप संचालक उपस्थित थे।

कार्यक्रम में सर्वप्रथम प्रक्षेत्र भ्रमण के पश्चात् तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया। जिसमे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. एस. के रस्तोगी, डॉ. पी. के. चंद्राकर, डॉ. नंदन मेहता, डॉ. दीपक चंद्राकर, डॉ. संजय द्विवेदी, डॉ. ए. के. त्रिपाठी के द्वारा दलहनी, तिलहनी व अन्य फसलों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी। कृषकों ने संगोष्ठी में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तथा कई संभावनाओं का समाधान वैज्ञानिकगणों से प्राप्त किया।

कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र व कृषि महाविद्यालय व अनुसंधान केन्द्र, बेमेतरा के कार्यों व प्रयासों की सराहना की गई, साथ ही वैज्ञानिकों से कृषि क्षेत्र में किसानों की उन्नत कृषि की ओर ले जाने तथा कृषि द्वारा सशक्तिकरण की बात कही गई। विधायक के द्वारा भी कृषि और कृषकों को कृषि विज्ञान केन्द्र से मिलने वाले लाभों की सराहना की।

किसान मेला में कृषि उद्यानिकी, मत्स्य व पशु विभाग का सहयोग रहा तथा स्टाल भी लगाये गये। स्टॉल का मुख्य आकर्षण केन्द्र कृषि विज्ञान केन्द्र बेमेतरा के मार्गदर्शन में महिला स्वसहायता समूह द्वारा उत्पादित हर्बल गुलाल रहा, जिसकी बड़ी मात्रा में बिक्री भी महिला स्वसहायता समूह द्वारा किया गया। इसी दौरान कृषि मंत्री के द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र तथा अखिल भारतीय समन्वित अलसी अनुसंधान परियोजना अखिल भारतीय समन्वित मुलार्प द्वारा संचालित प्रदर्शनी के लाभार्थी किसानों के स्प्रेयर, स्टोरेज बिन का वितरण किया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र के द्वारा कृषि मंत्री के माध्यम से ग्राम पंचायत ठेलका, वि. ख. साजा की महिला स्वसहायता समूह को 200 नग कड़कनाथ के चूजे प्रदान किये गये। कार्यक्रम का समापन कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. जी. पी. आयम के अभिभाषण से हुआ।

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