शहर में नशीली दवा की बिक्री : शाह मेडिकोज – सुधा मेडिकल सील

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दुकान का नाम बदल कर नशे का धंधा चला रहा था पुराना बदनामशुदा सौदागर, ग्राहक बन कर गए मुखबिर और खुल गई पोल

22 अक्टूबर 2020, सतना। शहर में नशीली दवा की बिक्री : शाह मेडिकोज – सुधा मेडिकल सील दवा की दुकानों में जहर यानी डी नेचर स्प्रिट पकडे जाने के बाद अब नशीली दवाओं की तलाश शुरू हुई तो इस अवैध कारोबार के लिए जमाने से बदनाम शहर की दो दवा दुकानें फिर दायरे में आ गईं। पुलिस बल के साथ शहर की दवा दुकानों की जांच पड़ताल करने नकली ड्रग इन्स्पेक्टर की टीम ने कंसल ( सुधा ) मेडिकल और शाह मेडिकोज को सील कर दिया है और इनके ड्रग लाइसेंस निरस्त किये जाने की कार्यवाही एक बार फिर शुरू की है। संयुक्त टीम ने इस अवैध धंधे के भंडाफोड़ के लिए स्टिंग ऑपरेशन भी किया।

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पुलिस के मुताबिक शहर की दवा दुकानों में सोमवार से शुरू हुई जांच पड़ताल के क्रम में शहर के नामी सत्या मेडिकल स्टोर में दे नेचर स्प्रिट पकड़ में आने के बाद मंगलवार को नशीली दवाओं की बिक्री की धरपकड़ के लिए कार्यवाही की गई। ड्रग इन्स्पेक्टर श्रीमती प्रियंका चतुर्वेदी और कोतवाली के प्रभारी सब इन्स्पेक्टर केएन मिश्रा की संयुक्त टीम ने नशीले दवाओं की बिक्री के लिए बदनाम शहर की कई दुकानों की जांच की। इसके लिए लोगों को ग्राहक बना कर दुकानों में बिना पर्चे के नशीली दवाएं खरीदने भेजा। संयुक्त टीम का एक मुखबिर अस्पताल चौक स्थित शाह मेडिकोज पहुंचा तो वहां उसे आसानी से दवा उपलब्ध हो गई। टेस्ट परचेज में पकडे जाने के बाद टीम शाह मेडिकोज पहुंची और स्टॉक – दस्तावेज जांचने के बाद दुकान को सील कर दिया।

दुकान का नाम बदलकर धंधा

शहर में नशीली दवाओं के विक्रय के लिए जमाने से बदनाम एक और दुकान सुधा मेडिकल का संचालक डी अग्रवाल भी दुकान का नाम कंसल मेडिकल में बदलकर कारोबार कर रहा था। उसे बदनाम होने के बाद दुकान का नामा तो बदल लिया था लेकिन धंधा नहीं बदला था। संययुक्त टीम ने यहां भी टेस्ट परचेज के लिए अपने एक मुखबिर को 200 रूपए देकर नशीली दवा खरीदने भेजा। कंसल मेडिकल के डी अग्रवाल ने अपने काउंटर से
तो दवा नहीं दी लेकिन अपनी दुकान के सामने खुली मुन्ना रज्जाक की चाय की दुकान पर जरूर भेज दिया। संयुक्त टीम का ग्राहक चाय की दुकान पर पहुंचा तो कैंसल मेडिकल के संचालक डी अग्रवाल का इशारा मिलने पर उसने नशीली दवा निकाल कर थमा दी। पहले से ही वहां मौजूद टीम ने पहले चाय वाले को पकड़ा और फिर कंसल मेडिकल में दबिश दे दी। इस दुकान को भी सील कर दिया गया है। बताया गया कि कंसल ( सुधा ) मेडिकल और शाह मेडिकोज का ड्रग लाइसेंस निरस्त करने की कार्यवाही भी की जा रही है। गौरतलब है कि इन दोनों ही दुकानों में नशीली दवाओं की बिक्री का अवैध धंधा पहले भी कई बार पकड़ा जा चुका है और इनके खिलाफ कार्यवाहियां भी पूर्व में प्रस्तावित की गई हैं लेकिन कभी इनका कुछ बिगड़ा नहीं।

शाम को चाय वाले से लेता था दवा बिक्री का हिसाब

कंसल मेडिकल के सामने चाय की दुकान में नशीली दवाएं बेचने वाले मुन्ना रज्जाक निवासी बजरहा टोला ने संयुक्त टीम को बताया कि उसे नशीली दवाएं कंसल मेडिकल का संचालक डी अग्रवाल ही देता है। दिन भर इन दवाओं कि बिक्री से आने वाली रकम का हिसाब भी वह शाम को लेता है। बिक्री के पैसे में उसे कमीशन मिलता है। चाय की दुकान की तलाशी ली गई तो वहां स्पास्मो प्रोक्सीवॉन तथा अल्प्राजोलम ( नींद की गोलियां) कैप्सूल स्टील के डिब्बे में रखी मिलीं। ये दवायें जब्त कर ली गई हैं और आरोपी चाय वाले के खिलाफ 18 सी ड्रग एवं कॉस्मेटिक अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस ने बताया कि कई अन्य दुकानों में भी मुखबिर भेज कर दवा खरीदने का प्रयास किया गया लेकिन शाह मेडिकोज और कंसल (सुधा) मेडिकल पर हुई कार्यवाही की खबर मिल जाने के बाद अन्य दुकानदार सतर्क हो गए। किन्तु एसपी धर्मवीर सिंह के निर्देश पर शुरू हुई यह कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।

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