बेर के फलों पर सफेद धब्बों-छाछ्या रोग का खतरा, कृषि विशेषज्ञ डॉ. जितेन्द्र शर्मा ने बताया रोकथाम का तरीका
15 नवंबर 2025, जयपुर: बेर के फलों पर सफेद धब्बों-छाछ्या रोग का खतरा, कृषि विशेषज्ञ डॉ. जितेन्द्र शर्मा ने बताया रोकथाम का तरीका – राजस्थान के तबीजी फार्म स्थित ग्राहृय परीक्षण केन्द्र के कृषि अनुसंधान अधिकारी (पौध व्याधि) डॉ. जितेन्द्र शर्मा ने बताया कि बेर के पौधों में छाछ्या, पत्ती धब्बा, फल सड़न एवं काली फफूंदी जैसी कई रोगों का प्रकोप देखा जा रहा है। वर्तमान समय में विशेष रूप से बेर के फलों में छाछ्या रोग का असर देखने को मिल रहा है।
डॉ. शर्मा के अनुसार, इस रोग में छोटे फलों पर सफेद चूर्ण नुमा धब्बे बनते हैं, जो धीरे-धीरे पूरे फल पर फैल जाते हैं। इस कारण फलों का पकने से पहले ही गिरना, सिकुड़ना या कठोर हो जाना आम समस्या बन चुकी है।
इस रोग से बचाव के लिए डॉ. शर्मा ने किसानों को सलाह दी है कि वे माइक्लोब्यूटानिल 10 प्रतिशत डब्ल्यू.पी. कवकनाशी का प्रयोग करें। इसका घोल आधा ग्राम प्रति लीटर पानी में बनाकर 15 दिन के अंतराल पर दो बार छिड़काव करना चाहिए। छिड़काव के दौरान पूरी सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। इसके लिए कपड़ा, चश्मा, मास्क और दस्तानों का प्रयोग अवश्य करें।
कृषि विशेषज्ञ ने किसानों से आग्रह किया है कि समय पर सावधानी और उचित उपचार से फलों के नुकसान को रोका जा सकता है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों सुरक्षित रह सकें।
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