मध्यप्रदेश में मंडी शुल्क वृद्धि के विरोध में 23 जून को दाल मिल कारोबार बंद रहेगा
23 जून 2026, इंदौर: मध्यप्रदेश में मंडी शुल्क वृद्धि के विरोध में 23 जून को दाल मिल कारोबार बंद रहेगा – मप्र सरकार द्वारा मंडी शुल्क 1 % से बढ़ाकर 1.5 % करने के निर्णय के विरोध में दाल मिल कारोबार 23 जून , मंगलवार को बंद रहेगा। इस एक दिवसीय बंद में सभी दाल मिलों में आवक -जावक और लोडिंग -अनलोडिंग पूर्ण रूप से बंद रहेगी।
यह जानकारी देते हुए ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सुरेश अग्रवाल ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि मप्र सरकार द्वारा मप्र में मंडी शुल्क वृद्धि का जो निर्णय लिया गया है, वह प्रदेश में सभी कृषि आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग ( दाल मिल इंडस्ट्रीज़ ) व्यापारियों एवं किसानों के हित में नहीं है। सरकार के इस निर्णय से दाल इंडस्ट्रीज़ , किसानों और व्यापारियों को बहुत अधिक नुकसान हो रहा है। आपने सरकार से इस निर्णय को वापस लेने की मांग करते हुए उन्हें इसके विपरीत प्रभावों से अवगत कराया है ।
मध्यप्रदेश में पहले से ही देश के अन्य राज्यों के मुकाबले मंडी शुल्क की दर बहुत अधिक है। प्रदेश के पड़ोसी राज्यों महाराष्ट्र , गुजरात , छत्तीसगढ़ सहित देश के अन्य राज्यों में वहां की सरकारों ने दाल उद्योगों, किसानों एवं व्यापारियों के हित में मंडी शुल्क की दरें बहुत ही कम रखी हैं, जो कि 20 वर्षों से एक सामान हैं। इसके अलावा मप्र में , मध्यप्रदेश के बहार से दाल बनाने के लिए मंगाए जाने वाले दलहन पर भी मंडी शुल्क लगने से दिन प्रतिदिन दाल इंडस्ट्री कम होती जा रही है। मप्र में अन्य राज्यों महाराष्ट्र , गुजरात से उड़द , मूंग , मसूर , चना व अन्य कृषि उपज मंडी शुल्क का भुगतान ( मंडी शुल्क चुका कर ) करने के बाद ही मप्र में आती है। मप्र में मंडी शुल्क चुका कर आई कृषि उपज पर मप्र सरकार द्वारा पुनः मंडी शुल्क लिया जा रहा है। इससे दाल इंडस्ट्री पर दोहरी मार पड़ रही है। ऐसे में अचानक 0.50 % मंडी शुल्क की वृद्धि करने से मप्र में दाल इंडस्ट्री धीरे -धीरे दूसरे राज्यों में पलायन करेंगी और कम होती जाएंगी।
गुजरात और महाराष्ट्र में मंडी शुल्क 20 वर्षों से एक समान है। इस वजह से मप्र के कटनी की दाल इंडस्ट्री रायपुर (छत्तीसगढ़ ) और नागपुर ( महाराष्ट्र ) की ओर स्थानांतरित हो रही है। इसी प्रकार इंदौर की दाल इंडस्ट्री जलगांव , अकोला , खामगांव ( महाराष्ट्र ) और दाहोद ( गुजरात ) में स्थापित हो रही है। विज्ञप्ति में राज्य सरकार की कैबिनेट मीटिंग में मप्र में सभी कृषि उपज पर मंडी शुल्क 0.50 % की वृद्धि को दाल इंडस्ट्री , किसानों और व्यापारियों के लिए अनुचित बताते हुए कहा है कि इससे प्रदेश के सभी कृषि आधारित उद्योगों और व्यापार पर कुप्रभाव पड़ेगा। मुख्यमंत्री से कृषि आधारित दाल इंडस्ट्री, किसानों और व्यापरियों के हित में 0.50 % मंडी शुल्क वृद्धि के निर्णय को अविलम्ब समाप्त करने की मांग की है।
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