मध्यप्रदेश में ओला-पाला से 25 जिलों की फसलें प्रभावित

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शीघ्र मिलेगा मुआवजा एवं बीमा लाभ

21 जनवरी 2022, भोपाल । मध्यप्रदेश में ओला-पाला से 25 जिलों की फसलें प्रभावित मध्यप्रदेश में गत दिनों हुई बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से किसानों के सपने चकनाचूर हो गए है। प्रारंभिक आकलन के मुताबिक राज्य के लगभग 25 जिलों में 1.60 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसलों को नुकसान होने का अनुमान है। इसमें 70 तहसीलों के 1160 गाँव के 67 हजार से अधिक किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। सबसे अधिक सिवनी जिले के 198 गांव, सागर के 167 गांव एवं गुना जिले के 133 गांव प्रभावित हुए है। शासन के प्रारंभिक आकलन के मुताबिक राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधान के अनुसार किसानों को आर्थिक सहायता देने के लिए लगभग 284 करोड़ रुपये से अधिक की जरूरत होगी। यह राशि सभी जिलों को आपदा राहत फंड के तहत उपलब्ध करायी जायेगी। राज्य में गेहूं, चना, मटर, मसूर एवं सरसों, आलू, धनिया आदि फसलों को नुकसान होने की खबर है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 50 फीसदी से अधिक नुकसान होने वाले किसानों को 30 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर राहत देने की घोषणा की है साथ ही कृषि मंत्री श्री कमल पटेल ने कहा है कि किसानों को फसल बीमा लाभ के साथ आरबीसी 6-4 के तहत राहत दी जाएगी। सर्वे में तेजी लाने में निर्देश दिए गए है।

नुकसान वाले जिले एवं प्रभावित गांव – बेमौसम बरसात एवं ओला-पाला से राजगढ़ के 61 गांव, विदिशा के 18, रायसेन के 16, हरदा के 51, बैतूल के 9, रतलाम के 51, उज्जैन के 17, झाबुआ के 29, धार के 6, भिण्ड के 23, दतिया के 6, गुना के 133, अशोक नगर के 51, शिवपुरी के 96, ग्वालियर के 59, छिंदवाड़ा के 45, टीकमगढ़ के 3, निवाड़ी के 55, सिवनी के 198, सतना के 2, सागर के 167, मंदसौर के 31, नीमच के 10, मंडला के 14 एवं बालाघाट के 6 गांव में फसलों को नुकसान होने की खबर है।

जानकारी के मुताबिक प्रदेश में कृषि एवं राजस्व विभाग द्वारा फसल नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। शासन द्वारा प्रभावित जिलों में तेजी से सर्वे पूरा करने के निर्देश दिए गए। ताकि मुआवजा वितरण एवं बीमा लाभ शीघ्र दिया जा सके।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि संकट की इस घड़ी में सरकार किसानों के साथ है। फसलों को जो नुकसान पहुँचा है, उसकी भरपाई राहत राशि तथा बीमा राशि दिलाकर पूरी की जाएगी।

सर्वे के बाद सूची पंचायतों में लगाई जायेगी, जिससे संबंधित किसान भी अवगत हो सकें। यदि किसी को आपत्ति हो तो उसका निराकरण किया जा सके। श्री चौहान ने कहा कि जिन किसानों का 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हुआ है, उन किसानों को 30 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर राहत राशि दिलाई जाएगी। साथ ही फसल बीमा में फसलों को नुकसान हुआ है उसमें 25 प्रतिशत एडवांस राशि तथा शेष 75 प्रतिशत राशि फसल आकलन के बाद दिलाई जाएगी। साथ ही अल्पकालीन ऋण की वसूली स्थगित की जायेगी और अल्पकालीन फसल ऋण को मध्यकालीन ऋण में बदला जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहानि के लिये 4 लाख, गाय-भैंस की मृत्यु पर 30 हजार रूपये और छोटे पशुओं बछड़ा-बछड़ी, बकरा-बकरी तथा मुर्गा-मुर्गी के लिये भी राहत राशि दी जायेगी। यदि मकानों को क्षति हुई है, खपरेल को नुकसान पहुँचा है, तो इसके लिये भी मुआवजा राशि दी जायेगी।

दूसरी तरफ कृषि मंत्री श्री कमल पटेल ने भी हरदा जिले में चने के नुकसान को वीडियो काल पर देखा। उन्होंने प्रदेश के किसानों को आश्वासन दिया कि सर्वे का कार्य जारी है शीघ्र ही मुआवजा एवं बीमा लाभ दिलाया जाएगा।

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