बच्चों को शिक्षा के साथ जैविक खेती की सीख

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मंदोरी के मा. वि. में नवाचार

  • (दिलीप दसौंधी, मंडलेश्वर)

21 जनवरी 2022, बच्चों को शिक्षा के साथ जैविक खेती की सीख – यदि किसी स्वच्छ विद्यालय के परिसर में फलदार पौधे लगे हों, बहुरंगी फूल खिले हों, सब्जियां उगाने की सीख के साथ उन्हें खाने और घर ले जाने की भी छूट हो, तो ऐसे विद्यालय में कौन पढऩा नहीं चाहेगा? हम बात कर रहे हैं खरगोन जिले की महेश्वर तहसील के ग्राम मंदोरी के माध्यमिक विद्यालय की, जहाँ दो साल से यहाँ के विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा के साथ जैविक खेती करना भी सिखाया जाता है। शिक्षा के साथ जैविक खेती के इस नवाचार की गूँज जिले से लेकर राजधानी तक पहुँच गई है।

बच्चों को जैविक खेती की शिक्षा- माध्यमिक विद्यालय, मंदोरी के प्रभारी प्रधान पाठक श्री महेश पाटीदार ने कृषक जगत को बताया कि करीब एक एकड़ में फैला बाउंड्रीवाल वाला यह विद्यालय 2006 में खोला गया था। फिलहाल यहाँ प्राथमिक की कक्षाएं भी लगती हैं। मा.वि.में शिक्षक श्री सुनील पाटीदार और अतिथि शिक्षक माधुरी पाटीदार पदस्थ हैं। 2019 -20 में राज्य सरकार की ओर से 5 हज़ार रुपए की राशि किचन गार्डन बनाने के लिए उपलब्ध कराई गई थी, जिसका सदुपयोग कर यह नवाचार किया। यहाँ शिक्षा के अलावा बच्चों को जैविक खेती की भी शिक्षा दी जाती है और उन्हीं के सहयोग से विद्यालय परिसर में मेथी, पालक, मूली, गाजर, भिंडी, गिलकी, लौकी, हरा धनिया, टमाटर आदि सब्जियां उगाई गई है, जिसका मध्यान्ह भोजन में तो उपयोग किया ही जाता है, शेष हरी सब्जियों का बच्चों में समान रूप से वितरण भी किया जाता है। यहाँ बिल्व पत्र, शमी, गूलर, अकाव, मधुकामिनी, सप्तपर्णी, अशोक, शीशम आदि के पौधे भी लगाए हैं, जो पेड़ बनने की ओर अग्रसर हैं। वहीं गुलाब, गुलमोहर, गेंदा, बहुरंगी बोगन वेलिया सहित अन्य अलंकारिक फूलों के पौधे सबको अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

42 इंची एलईडी टीवी भेंट 

इस विद्यालय का निरीक्षण जिला परियोजना समन्वयक खरगोन श्री केके डोंगरे, जिला पंचायत खरगोन के तकनीकी सहायक श्री नीरज अमझरे और अकादमिक समन्वयक श्री सीताराम प्रजापत भी कर चुके हैं। अधिकारियों ने यहाँ के नवाचार व ग्रामीणों को जैविक कृषि के लिए जागरूक करने के प्रयास की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है। राजधानी भोपाल से भी अधिकारियों का यहाँ निरीक्षण प्रस्तावित है। विद्यालयीन कार्यों में ग्रामवासियों के अलावा पौधे और अन्य कार्यों में ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक श्री राम पाटीदार का भी पर्याप्त सहयोग मिलता है। इस विद्यालय के अच्छे कार्यों को देखकर सतत शैक्षिक एवं सामाजिक ग्रुप महेश्वर और ग्राम मंदोरी के निवासियों द्वारा गत वर्ष बच्चों की ऑन लाइन पढ़ाई के लिए 42 इंची एलईडी टीवी भेंट किया गया था। गांव वालों की सरकार से अपेक्षा है कि इस विद्यालय को प्रोत्साहन स्वरूप आर्थिक अनुदान उपलब्ध कराएं, ताकि यह संस्था और श्रेष्ठ कार्य कर सके।

राष्ट्रीय मेरिट कम मीन्स परीक्षा में दो छात्र चयनित 

श्री पाटीदार ने बताया कि विद्यालय में खेती के अलावा शिक्षा पर भी ध्यान दिया जाता है। राष्ट्रीय मेरिट कम मीन्स परीक्षा 2020-21 में विद्यालय की 8वीं की छात्रा अर्चना गणेश खेड़ेकर का चयन हुआ, जबकि वर्ष 2019-20 में इसी परीक्षा में यहाँ के छात्र सुमित पिपल्दे का भी चयन हुआ था। इस परीक्षा में चयनित छात्रों को सरकार द्वारा 9वीं से 12वीं तक की शिक्षा के लिए एक हज़ार प्रति माह की छात्रवृत्ति दी जाती है।

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