राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश में गैर-अनुदानित उर्वरकों की जबरन टैगिंग पर सख्ती, सरकार ने जारी किए संशोधित निर्देश

25 मई 2026, भोपाल: ध्यप्रदेश में गैर-अनुदानित उर्वरकों की जबरन टैगिंग पर सख्ती, सरकार ने जारी किए संशोधित निर्देश – मध्यप्रदेश शासन के किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने प्रदेश में अनुदानित उर्वरकों के साथ गैर-अनुदानित उर्वरकों एवं अन्य कृषि आदानों की जबरन टैगिंग पर सख्त रुख अपनाते हुए नए निर्देश जारी किए हैं। विभाग द्वारा जारी संशोधित आदेश के अनुसार अब उर्वरक कंपनियां और विक्रेता किसानों या डीलरों को अनुदानित उर्वरकों के साथ किसी अन्य उत्पाद की अनिवार्य खरीद के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे।

कृषि विभाग द्वारा 22 मई 2026 को जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश स्तर से जारी उर्वरक विक्रय प्राधिकरण पत्र (फार्म A-2) में अंकित अनुमति के तहत अनुदानित यूरिया, डीएपी एवं कॉम्प्लेक्स उर्वरकों की आपूर्ति करने वाली कंपनियों को केवल अनुमोदित उर्वरकों की आपूर्ति एवं विक्रय की अनुमति रहेगी। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि गैर-अनुदानित उर्वरकों को अनुदानित उर्वरकों के साथ अनिवार्य रूप से बेचने की प्रथा प्रदेश में पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी।

आदेश के अनुसार उर्वरक प्रदायक कंपनियां किसी भी डीलर को गैर-अनुदानित उर्वरकों अथवा अन्य कृषि आदानों की जबरन टैगिंग नहीं करेंगी। इसी प्रकार उर्वरक विक्रेता भी किसानों को अनुदानित उर्वरकों के साथ किसी अन्य उत्पाद को खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे।

राज्य सरकार ने निर्देशों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित कंपनी अथवा डीलर के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने किसानों से अपील की है कि यदि उनसे अनुदानित उर्वरकों के साथ अन्य उत्पाद खरीदने का दबाव बनाया जाता है तो इसकी शिकायत सीएम किसान हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 155253 पर दर्ज कराई जा सकती है।

यह आदेश किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के सचिव निशांत वरवड़े द्वारा जारी किया गया है। आदेश की प्रतिलिपि कृषि विभाग के संचालक, संभागीय संयुक्त संचालकों, जिला कलेक्टरों, सहकारी संस्थाओं तथा उर्वरक कंपनियों को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है।

हाल के दिनों में देशभर में उर्वरकों की उपलब्धता, आपूर्ति और कालाबाजारी को लेकर सरकारें सतर्क हैं। केंद्र सरकार ने भी राज्यों को उर्वरक वितरण व्यवस्था पर निगरानी रखने और जमाखोरी तथा डायवर्जन रोकने के निर्देश दिए हैं।

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