राज्य कृषि समाचार (State News)

दुग्ध संकलन के साथ किसानों की आय बढ़ाने के लिए हो रहे हैं समन्वित प्रयास

30 दिसंबर 2025, भोपाल: दुग्ध संकलन के साथ किसानों की आय बढ़ाने के लिए हो रहे हैं समन्वित प्रयास – पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने तथा पशुपालकों की आय में वृद्धि एवं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिये निरंतर प्रयास कर रही है। हमारा यह सतत प्रयास रहा है कि पशुपालन को आजीविका का मजबूत आधार बनाया जाए। 

मंत्री पटेल ने बताया कि पिछले 02 वर्षों में प्रदेश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के पथ पर निरंतर प्रगति की है। हमने शासन की विभिन्न योजनाओं और कार्यकमों के माध्यम से समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का संकल्प दृढ़ता से निभाया है। हमारी सरकार ने गौवंश के संरक्षण और संवर्धन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में निराश्रित पशुओं के लिए नवीन गौशाला नीति बनाई है। राज्यमंत्री श्री पटेल शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभा हॉल में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी मीडिया प्रतिनिधियों से साझा कर रहे थे।

गौ संवर्धन

राज्यमंत्री पटेल ने कहा कि गौवंश की संख्या के मामले में मध्यप्रदेश का देश में दूसरा स्थान है। प्रदेश के 1.87 करोड़ गौवंश में से लगभग 70 प्रतिशत गौवंश अवर्णित नस्ल के हैं। शासन द्वारा निराश्रित गौवंश के व्यवस्थापन के लिए लगभग 2500 से अधिक गौशालाओं में 4 लाख 75 हजार से अधिक निराश्रित गौवंश को आश्रय दिया गया है। इसके अतिरिक्त गौशालाओं में निराश्रित गौवंश के व्यवस्थापन हेतु दिए जाने वाले अनुदान की राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रूपये प्रतिदिन/गौवंश की गई है। राज्य शासन द्वारा गौशालाओं के अनुदान के बजट को 250 करोड प्रति वर्ष से बढ़ाकर 505 करोड़ कर दिया गया है, जिसमे से 369.02 करोड़ की राशि गौशालाओ को वितरित की जा चुकी है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शिता और संकल्पशक्ति के प्रतिफल से हमारी सरकार ने ‘स्वावलंबी गौशालाओं (कामधेनु निवास) की स्थापना नीति 2025’ लागू की है। निवेशकों को परियोजनाओं की स्थापना के लिए 5 हजार गौवंश के लिये अधिकतम 130 एकड़ भूमि उपयोग हेतु दी जाएगी। साथ ही प्रत्येक 1000 गौवंश की वृद्धि पर 25 एकड़ दी जा सकेगी। इस योजना में 20 स्वावलम्बी गौशाला की स्थापना हेतु निविदा जारी की गयी, जिसकी अंतिम दिनांक 29 दिसम्बर है।

Advertisement
Advertisement

दुग्ध उत्पादन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा अनुसार देश के दुग्ध उत्पादन में प्रदेश की भागीदारी 09 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने के उद्देश्य से अभिनव योजना “डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना” प्रारंभ की गई है। एक हितग्राही को एक आवेदन पर एक इकाई (25 दुधारू पशु) या एक से अधिक इकाई (अधिकतम 08 इकाईयों, 200 दुधारू पशु) लेने की पात्रता होगी। योजना अंतर्गत देशी नस्ल की गाय की इकाई की लागत 36 रूपये लाख तथा संकर नस्ल की गाय तथा भैंस की इकाई की लागत 42 लाख रूपये है।

Advertisement
Advertisement

मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम के अंतर्गत पशुपालकों के भैसपालन की रुचि के अनुरूप दो दुधारू भैंस उपलब्ध करायी जाती है। पहले इस योजना को मात्र 3 जिलों सीहोर, विदिशा एवं रायसेन जिलों में थी, जिसे वर्ष 2024-25 से पूरे प्रदेश में लागू किया गया है।

सहकारिता के माध्यम से दुग्ध संकलन व प्रसंस्करण

सरकार द्वारा सहकारी प्रणाली और सांची ब्रांड को उन्नयन करने के उद्देश्य से एम.पी. स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड तथा संबद्ध दुग्ध संघों के संचालन एवं प्रबंधन के लिए मध्यप्रदेश शासन, एम.पी. स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड एवं संबद्ध दुग्ध संघों तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के मध्य होने वाले सहकार्यता अनुबंध पर सहमति दी गई तथा सहकार्यता अनुबंध किया गया। हमारा लक्ष्य राज्य में औसत दुग्ध संकलन तीन वर्षों में 33 लाख लीटर प्रतिदिन से अधिक करना। सहकारिता अंतर्गत ग्रामों का कवरेज आगामी 3 वर्षों में बढ़ाकर 15 हजार से अधिक ग्रामों को कवर करना तथा दुग्ध सहकारी समिति सदस्यों की संख्या बढ़ाकर कुल 470 हजार करना। इस हेतु राज्य में 4000 करोड से अधिक का निवेश होगा। दुग्ध संघो द्वारा दूध खरीद मूल्यों में 2.50 रूपये से 8.50 रूपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई।

हिरण्यगर्भा अभियान  

प्रदेश में पशुपालकों को समृद्ध करने हेतु पशुओं का नस्ल सुधार एक महत्वपूर्ण साधन है, इस हेतु “हिरण्यगर्भा अभियान” संचालित किया जा रहा है। परम्परागत सीमन डोज की जगह सॉर्टेड सेक्सड सीमन के ज्यादा से ज्यादा उपयोग हेतु जागरूक किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर लगभग 11500 हजार कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता (मैत्री) को प्रशिक्षित किया गया है। इन प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं में से अक्रियाशील कार्यकर्ता की पहचान कर उन्हें क्रियाशील तथा क्रियाशील कार्यकर्ताओं को रिफ्रेशर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

दुग्ध संपर्क समृद्धि अभियान

प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को दो गुना करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य पूर्ति हेतु आयोजित इस अभियान में पशुपालकों को पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य एवं नस्ल सुधार से होने वाले आर्थिक लाभ के विषय पर गृह भेंट कर उन्नत पशुपालन हेतु प्रेरित किया जा रहा है। अभियान तीन चरणों में संचालित होना है। प्रथम चरण में 10 या अधिक गाय भैंस के पशुपालन, द्वितीय में 5 या अधिक के पशुपालन तथा तृतीय चरण में 5 से कम पशु संख्या वाले पशुपालक सम्मिलित होंगे। दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान” का प्रथम चरण 3 से 9 अक्टूबर के मध्य संचालित हुआ, जिसमें 3.76 लाख पशुपालकों के यहां 8752 प्रशिक्षित विभागीय अमले द्वारा गृह भेंट दी गई। अभियान का द्वितीय चरण 17 दिसम्बर 2025 से प्रारम्भ हुआ है।

“क्षीर धारा ग्राम योजना”

यह अवधारणा ऐसे ग्रामों को विकसित करने की है जिसमें पशुपालकों द्वारा उन्नत तरीके से पशुपालन किया जाता है। उन्नत पशुपालन अंतर्गत उन्नत नस्ल के पशु, उनका रखरखाव, पशु पोषण, पशु उपचार, पशु टीकाकरण और गोबर व गौमूत्र का समुचित निष्पादन (मूल्य संवर्धन) गतिविधियां सम्मिलित हैं। जिले के अन्य ग्रामों को इन ग्रामों से प्रेरणा और प्रतिस्पर्धा उत्पन्न करने तथा उदाहरणीय आदर्श स्वरुप में प्रस्तुत करने हेतु योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत जिले के समस्त ग्रामों को क्रमबद्ध तरीके से यथासंभव तीन वर्षों में “क्षीर धारा ग्राम” के रूप में विकसित किया जाना है।

Advertisement
Advertisement

ब्रीडर एसोसिएशन

ब्रीडर एसोसिएशन पशुपालकों द्वारा निर्मित, पशुपालकों द्वारा ही संचालित तथा पशुपालकों के हित में कार्य करने के लिए बनाया जाएगा, जिसे राज्य शासन द्वारा यथोचित सहयोग दिया जाएगा। यह ऐसे पशुपालकों का संघ होगा जो 20 या अधिक एक ही नस्ल के गोवंश भैंसवंश की नस्लों का पालन कर दुग्ध उत्पादन के कार्य में लगे है।

विभाग में दिये गये रोजगार व प्रोत्साहन

दो वर्ष की अवधि में संचालनालय पशुपालन एवं डेयरी अंतर्गत पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ के 70 पदों तथा सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों के 589 पदों पर नियुक्ति दी गई। वर्तमान में पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ के 192 पदों पर भर्ती की कार्यवाही पर लोक सेवा आयोग से परिणाम अपेक्षित है तथा 321 सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। म.प्र. राज्य को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लि मि. अंतर्गत कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से 98 पदों पर नियुक्ति दी गई है। नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के अंतर्गत शासकीय पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालयों में अध्ययनरत स्नातक छात्रों हेतु इंटर्नशिप स्टायपेंड में राज्यांश 52 प्रतिशत बढ़ाकर स्टायपेंड राशि 10 हजार रुपये की गई है।

Advertisements
Advertisement
Advertisement

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisements
Advertisement
Advertisement