राज्य कृषि समाचार (State News)

आर्द्रभूमियों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक

03 फरवरी 2026, सीहोरआर्द्रभूमियों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक – हर साल 2 फरवरी को मनाया जाने वाला विश्व आर्द्रभूमि दिवस (World Wetlands Day) हमें उन प्राकृतिक जल क्षेत्रों की याद दिलाता है, जो जीवन, पर्यावरण और जैव विविधता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यह दिवस आर्द्रभूमियों के संरक्षण और उनके सतत उपयोग के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है।

विश्व आर्द्रभूमि दिवस की पृष्ठभूमि 2 फरवरी 1971 से जुड़ी है, जब ईरान के रामसर शहर में रामसर कन्वेंशन पर हस्ताक्षर किए गए थे। यह अंतरराष्ट्रीय समझौता आर्द्रभूमियों के संरक्षण के लिए एक ऐतिहासिक पहल साबित हुआ। तभी से इस दिन को विश्व आर्द्रभूमि दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।  आर्द्रभूमियाँ वे क्षेत्र हैं, जहाँ पानी स्थायी या अस्थायी रूप से मौजूद रहता है। इनमें झीलें, तालाब, नदियाँ, दलदली क्षेत्र, मैंग्रोव वन और तटीय क्षेत्र शामिल हैं। ये क्षेत्र प्राकृतिक जल भंडार के रूप में कार्य करते हैं और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मध्यप्रदेश के परिप्रेक्ष्य में आर्द्रभूमियों का महत्व और भी अधिक है। मध्यप्रदेश की बड़ी आबादी पेयजल, कृषि, मत्स्य पालन और आजीविका के लिए आर्द्रभूमियों पर निर्भर है। आर्द्रभूमियाँ भूजल स्तर बनाए रखने, बाढ़ नियंत्रण और सूखे के प्रभाव को कम करने में सहायक होती हैं। साथ ही ये प्रवासी पक्षियों और दुर्लभ वन्य प्रजातियों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल भी हैं। वर्तमान में भारत में अनेक आर्द्रभूमियों को रामसर स्थल के रूप में मान्यता मिली है, जो संरक्षण के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

हालाँकि, तेज़ी से बढ़ता शहरीकरण, औद्योगिक प्रदूषण, अतिक्रमण और जलवायु परिवर्तन आर्द्रभूमियों के अस्तित्व पर गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। कई पारंपरिक तालाब, झीलें और जल क्षेत्र सिमटते जा रहे हैं, जिससे जल संकट और पर्यावरणीय असंतुलन की समस्या गहराती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्द्रभूमियों का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। आर्द्रभूमियों में कचरा फेंकने पर रोक, अवैध अतिक्रमण हटाना, स्थानीय समुदायों को संरक्षण से जोड़ना और जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को इनके महत्व से अवगत कराना समय की आवश्यकता है।  विश्व आर्द्रभूमि दिवस हमें यह संदेश देता है कि यदि आज हमने आर्द्रभूमियों को नहीं बचाया, तो भविष्य में जल, पर्यावरण और जैव विविधता पर इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा। प्रकृति के इस अनमोल उपहार के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास ही एक सुरक्षित और सतत भविष्य की कुंजी है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisements