कुसुम योजना के ज़रिए ठगी की कोशिश नाकाम

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जागरूक किसान ठगी का शिकार होने से बचा

25 दिसंबर 2021, इंदौर । कुसुम योजना के ज़रिए ठगी की कोशिश नाकाम इन दिनों ठगोरों द्वारा ऑन लाइन ठगी के लिए नित नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। खास तौर से सरकारी योजनाओं के नाम से ठगी की जाती है।  ऐसा ही एक मामला केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री कुसुम योजना के ज़रिए सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के नाम पर नीमच जिले के एक किसान को ठगने के प्रयास का मामला सामने आया है , लेकिन किसान की जागरूकता के कारण ठगोरों की यह कोशिश नाकाम हो गई।

ग्राम बरखेड़ा कामलिया तहसील जावद जिला नीमच के किसान श्री राधेश्याम पाटीदार ने कृषक जगत को बताया कि एक वाट्सएप ग्रुप में कुसुम योजना के बारे में दी गई लिंक को जब खोला तो संबंधित द्वारा आधार कार्ड और बैंक पास बुक की जानकारी मांगी गई , जिसे भेजने पर गत 17  दिसंबर को वाट्सएप पर कथित मैनेजिंग डायरेक्टर के हस्ताक्षर से अनुमोदन पत्र भेजा गया , जिसमें बताया गया कि आपकी फ़ाइल कुसुम योजना में रजिस्टर्ड है, अतः विधि व्यय (लीगल चार्जेस ) के 5600 रुपए भेज दें। इस पत्र में पीएम कुसुम योजना के नाम से खाता नंबर और आईएफएससी कोड भी दिया गया था। इस पत्र में लिखा था कि सौर ऊर्जा उपकरण स्थापित करने के लिए किसान को केवल 10 % राशि जमा करनी होगी। सरकार सब्सिडी के रूप में 90 % राशि किसान के खाते में देगी। वहीं फोन पर बताया कि 5600 रुपए जमा करने पर एक -दो दिन में कम्पनी वाले आपसे मिलेंगे। उन्हें बता देना कि कहाँ सौर ऊर्जा संयंत्र लगाना है। 5 लाख की 10 % राशि 50 हज़ार जमा करने के बाद 4 -5 दिन में आपका पूरा काम हो जाएगा। इतनी तत्परता देख शंका हुई तो कृषक जगत से सम्पर्क कर पूरी बात बताई। किसान के मामले को संदेहास्पद देखकर कृषक जगत ने तत्काल जब कथित मैनेजिंग डायरेक्टर से मोबाइल नंबर 8274921464 पर बात की तो दिल्ली से बोलना बताया। जब इस योजना की पूरी जानकारी के साथ लैंड लाइन नंबर माँगा तो फोन काट दिया गया।
 
इस संबंध में मप्र ऊर्जा विकास निगम इंदौर के जिला अधिकारी श्री अशोक गुप्ता ने कृषक जगत को बताया कि अभी विभागीय पोर्टल बंद है। पुराने कई मामले अभी लंबित है। इस संबंध में सरकार की नई नीति 31 मार्च के बाद आएगी।  पुराने पंजीकृत किसानों के लिए 5 एचपी  के सौर पंप के लिए 72 हज़ार और 3 एचपी के पंप के लिए 36 हज़ार रुपए के अनुदान का प्रावधान था। संशोधित नीति के बाद नई दरें आएंगी। एमपी ऑन लाइन पर पंजीकृत किसानों के मोबाईल नंबर पर ओटीपी आने पर ही फ़ाइल खुलेगी और आगे की प्रक्रिया जारी रह पाएगी। वहीं एक अन्य विभागीय अधिकारी ने कहा कि किसान ठगी का शिकार होने के बाद हमसे सम्पर्क करते हैं, जबकि उन्हें पहले आकर वास्तविक जानकारी हासिल करनी चाहिए , ताकि ठगी से बच सके।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना , केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है ,जिसके अंतर्गत किसानों को सौर पंप  लगाने के लिए सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।  इसके तहत किसानों को सौर पंप और ग्रिड से जुड़े अन्य सौर बिजली संयंत्र लगाए जाने का प्रावधान किया गया है। कुसुम योजना का लाभ लेकर किसान अपनी ज़मीन में सौर ऊर्जा उपकरण और पंप लगाकर खेतों की सिंचाई के अलावा उपलब्ध अतिरिक्त बिजली को ग्रिड को बेचकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। भारत सरकार के नवीन और नव करणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा प्रदेश की नोडल एजेंसी मप्र ऊर्जा विकास निगम द्वारा सब्सिडी दी जाती है।  

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