लम्पी स्किन डिजीज को राष्ट्रीय आपदा घोषित करे केन्द्र : श्री गहलोत

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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गिरदावरी व नुकसान का होगा आकलन

3 सितम्बर 2022, जयपुर  लम्पी स्किन डिजीज को राष्ट्रीय आपदा घोषित करे केन्द्र : श्री गहलोत – मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के जनप्रतिनिधि, पशुपालक, गौशाला संचालक, अधिकारी व आमजन से संवाद किया। इसमें लम्पी स्किन डिजीज से गौवंश को बचाने के लिए जिलों में जागरूकता अभियान, रोग की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों, पशुपालकों द्वारा पशुओं के उपचार में अपनाई जा रही पद्धति के बारे में चर्चा की गई। साथ ही, प्रदेश में अतिवृष्टि से हुए नुकसान और प्रभावितों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर भी चर्चा की गई। बैठक में प्रदेश में आयोजित हो रहे राजीव गांधी ग्रामीण ओलम्पिक खेल की तैयारियों और सफल आयोजन को लेकर भी सुझावों का आदान-प्रदान हुआ। श्री गहलोत ने सभी से लम्पी डिजीज के नियंत्रण एवं रोकथाम व बाढ़ राहत कार्य में राज्य सरकार का सहयोग करने की अपील की है।

संकट की घड़ी में सबको साथ लेकर चलें

श्री गहलोत ने कहा कि कोरोना काल में जिस मजबूती और संकल्प के साथ सभी ने बीमारी का मुकाबला किया उसी तरह लम्पी स्किन डिजीज की रोकथाम के लिए भी हम एकजुटता से कार्य कर रहे है। हमारी जिम्मेदारी है कि इस संकट की घड़ी में सबको साथ लेकर चलें। उन्होंने कहा कि गौवंश में फैली इस बीमारी से निपटने के लिए हमें सभी भेद-भाव व मतभेद से ऊपर उठकर काम करना होगा। राज्य सरकार, जनप्रतिनिधि, पशुपालक, गौशाला संचालक व जनसहभागिता से यह बीमारी अब घट रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लम्पी स्किन रोगी मृत पशुओं का निस्तारण वैज्ञानिक तरीके से हो रहा है, जिससे संक्रमण पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी। सभी जिलों में कंट्रोल रूम भी स्थापित किए जा चुके हैं। साथ ही, रोग को लेकर आमजन में फैल रही भ्रांतियों को दूर करने के लिए गांव-ढाणी तक जन-जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गौशालाओं की साफ-सफाई, सोडियम हाइपोक्लोराइट के छिडक़ाव, फोगिंग तथा जेसीबी की उपलब्धता भी सुनिश्चित कराई गई है।

लम्पी रोग को राष्ट्रीय आपदा घोषित करे केन्द्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि लम्पी स्किन डिजीज को राष्ट्रीय आपदा घोषित कराने के लिए केन्द्र सरकार को पत्र लिखा गया है। उन्होंने कहा कि दवाइयों की कोई कमी नहीं आने दी जा रही है, वैक्सीन का अभी परीक्षण जारी है तथा विकल्प के रूप में गोट पॉक्स वैक्सीन का उपयोग किया जा रहा है। 

केन्द्रीय मंत्री श्री पुरूषोत्तम रूपाला ने विश्वास दिलाया कि राज्य को पूरी मदद दी जाएगी। साथ ही, उन्होंने कहा कि प्रदेश में नंदीशालाएं स्थापित करने के लिए पशुपालकों का सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि गौवंश हमारा सम्मान है। सरकार द्वारा गौशालाओं के लिए अनुदान की अवधि को 6 माह से बढ़ाकर 9 माह कर दिया गया है। गोपालन विभाग बनाकर गौवंश संवर्धन के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं।
कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्री लालचंद कटारिया ने कहा कि रोग के प्रभावी रोकथाम के लिए प्रदेश के सभी जिलों में लगातार मॉनिटरिंग जारी है। उन्होंने कहा कि गौवंश को बचाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक 8 लाख गौवंश संक्रमित हुए हैं, जिनमें से 7.40 लाख का उपचार हुआ है व लगभग 4.30 लाख पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। पश्चिमी राजस्थान में संक्रमण की दर तेजी से घट रही है।

गोपालन मंत्री श्री प्रमोद जैन भाया ने कहा कि यह महामारी देश के 16 राज्यों में फैल गई है। राज्य सरकार भी इस बीमारी को लेकर काफी चिंतित है। आरसीडीएफ द्वारा अब तक 6 लाख गोट पॉक्स के टीके वितरित किए जा चुके हैं। दवाई एवं वैक्सीन की खरीद में मुख्यमंत्री की अपील पर कई भामाशाह व स्वयंसेवी संगठन आगे आए हैं।
मुख्य सचिव श्रीमती उषा शर्मा ने कहा कि राजस्थान डेयरी फेडरेशन द्वारा 21 लाख गोट पॉक्स वैक्सीन खरीदने के निर्देश दिए हैं। अर्जेन्ट टेम्परेरी बेसिस पर 200 पशु चिकित्सकों एवं 300 पशुधन सहायकों की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गिरदावरी व नुकसान का होगा आकलन

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अतिवृष्टि से हुए नुकसान और बाढ़ प्रभावितों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ से प्रभावित 6 जिलों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया है। क्षेत्र में जल निकासी और बेघर हुए लोगों के लिए अस्थाई आवास व्यवस्था, भोजन और अन्य सुविधाएं निरंतर मुहैया कराई जा रही है।

सार्वजनिक एवं निजी सम्पत्तियों, फसल और पशुओं को हुए नुकसान का जल्द से जल्द आंकलन कर प्रभावितों को त्वरित सहायता पहुंचाने के भी निर्देश जिला कलक्टर को दिए गए। मुख्य सचिव को जिलों की सभी व्यवस्थाओं, राहत और बचाव कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग और बाढ़ से हुए नुकसान का एक ज्ञापन तैयार कर केंद्र सरकार को भेजने के भी निर्देश दिए गए।

वीसी में सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों ने अपने-अपने जिलों की स्थिति को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। बैठक में प्रमुख शासन सचिव वित्त श्री अखिल अरोरा, प्रमुख शासन सचिव पंचायतीराज श्रीमती अपर्णा अरोरा, प्रमुख शासन सचिव कृषि श्री दिनेश कुमार, प्रमुख शासन सचिव सहकारिता श्रीमती श्रेया गुहा, स्वायत्त शासन विभाग के सचिव श्री जोगाराम, पंचायती राज के सचिव श्री नवीन जैन एवं पशुपालन विभाग के सचिव पीसी किशन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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