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राज्य कृषि समाचार (State News)

किसानों को चना में तेवड़ा और गेहूं में मिट्टी की रोकथाम के उपाय बताएं

8 फरवरी 2021, भोपाल। भोपाल संभागायुक्त श्री कवींद्र कियावत ने सम्भाग के सभी जिलों के कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीदी केंद्रों पर सभी तरह के विवाद से बचने के लिए किसानों को जागरूक कर गेंहू में मिट्टी मिलने से रोकने और चना में तेवड़ा रोकमे के उपाय बताए।श्री कियावत सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बैठक ले रहे थे। 

श्री कियावत ने निर्देश दिए कि किसानों को किसान खेत पाठशाला के अलावा पंजीयन केंद्र पर शिविर आयोजित कर बताएं कि खेत मे ही चने के साथ पैदा हुए तिवड़ा को कैसे दूर किया जाए।उन्होंने कहा कि किसान तिवड़ा का उपयोग पशुचारे के रूप में भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि धान वाले क्षेत्रों और मेड़ से लगकर बोए गए गेहूं में थ्रेसर के दौरान मिट्टी मिलने की आशंका रहती है। उन्होंने सभी उपसंचालक से कहा कि किसानों को थ्रेसर के समय मेड से लगी फसल को हाथ से ही काटने की सलाह देने की किसानों को समझाइश दी जाए।उन्होंने कहा कि पंजीयन शिविरों के अलावा सभी तरह के सन्देश और प्रचार कर यह व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

“नरवाई न जलाने तथा गौशाला में भूसा दान करने के लिए संकल्प पत्र“

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संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी किसानों को जनहित और पर्यावरण हित में नरवाई नहीं जलाने के लिए संकल्प पत्र भरवाएं जिसमें एस्ट्रारीपर के साथ ही थ्रेसिंग करवाने का संकल्प लिया जाए। उन्होंने कहा कि नरवाई नहीं जलाने पर भूसा भी मिलता है । 

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उल्लेखनीय है कि रायसेन में एक लाख 14 हज़ार हेक्टेयर,विदिशा में एक लाख 134500,राजगढ़ में 82 हज़ार 580,सीहोर में 51 हज़ार हेक्टेयर में चना की बोवनी हुई है।बैठक में संयुक्त आयुक्त श्री अनिल दवेदी और संयुक्त संचालक कृषि श्री बी एल बिलैया भी उपस्थित थे।

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