मध्य प्रदेश की धान खरीदी में मार्कफेड की महत्वपूर्ण भूमिका

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मार्कफेड ने की 12.75 लाख मी. टन रिकॉर्ड धान खरीदी

8 फरवरी 2021,भोपाल। मध्य प्रदेश की धान खरीदी में मार्कफेड की महत्वपूर्ण भूमिका- मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ किसानों को रसायनिक उर्वरकों की समुचित व्यवस्था सहकारी समितियों के माध्यम से करता है, जिसके तहत खरीफ एवं रबी सीजन में उर्वरकों की समुचित व्यवस्था के अतिरिक्त अग्रिम भण्डारण अवधि में रसायनिक उर्वरकों का अग्रिम भण्डारण कार्य संघ के अधिकतम मानव संसााधनों का उपयोग करते हुए किया जाता है। इसके साथ-साथ मार्कफेड द्वारा राज्य में केन्द्र सरकार की विकेन्द्रीयकृत उपार्जन प्रणाली के तहत किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं एवं धान का उपार्जन का कार्य भी सहायक एजेन्सी के रूप में किया जाता है। इस वर्ष विपणन संघ के माध्यम से 12 लाख मी. टन से अधिक रिकार्ड धान की खरीदी की गई है। जो सहकारिता एवं लोकसेवा प्रबंधन मंत्री श्री अरविन्द सिंह भदौरिया के कुशल मार्गदर्शन के कारण संभव हो सका है। उनके निर्देश पर ही पूरे प्रदेश में मार्कफेड ने खरीदी केन्द्रों पर चाक-चौबंद व्यवस्था की तथा किसानों को उनके खाते में समय पर भुगतान किया जा सका।

राज्य में 37 लाख मी. टन धान खरीदी
खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में म.प्र. राज्य की उपार्जन एजेन्सियों एम.पी. स्टेट सिविल सप्लॉईज कारपोरेशन लि. एवं म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ द्वारा उपार्जन अवधि 21 अक्टूबर से 15 जनवरी-2021 तक एजेन्ट सहकारी समितियों के माध्यम से 5.89 लाख किसानों से 37.26 लाख मी. टन धान का उपार्जन किया गया है जोकि गत खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में कुल उपार्जित धान 25.86 लाख मी. टन से लगभग 11.40 लाख मी. टन अधिक है।
जिलों में उपार्जन कार्य को सुविधाजनक बनाने एवं किसानों के हितों को देखते हुए मंत्री श्री भदौरिया के निर्देश पर ही इस वर्ष उपार्जन केन्द्रों पर किसानों को व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से उपज सूखी, साफ एवं छन्ना लगी हुई लाने हेतु प्रेरित किया गया एवं एफ.ए.क्यू. गुणवत्ता संबंधी सामान्य जानकारी एवं गुणवत्ता संबंधी बैनर प्रदर्शित किए गए साथ ही आवश्यकता होने पर किसानों की उपज को छनाई एवं साफ करने की व्यवस्था भी उपार्जन केन्द्रों पर की गई। इसके अतिरिक्त उपार्जन केन्द्रो पर किसानों के लिए स्वच्छ पीने के पानी एवं शौचालय की व्यवस्था भी की गई।

मार्कफेड ने की 480 केन्द्रों पर खरीदी
विपणन संघ द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में शासन द्वारा आवंटित 33 जिलों में निर्धारित 495 उपार्जन केन्द्रों में पंजीकृत 2.37 लाख किसानों में से 17 जिलों में कुल 480 उपार्जन केन्द्रों पर 1.75 लाख किसानों से 12.75 लाख मी. टन धान का उपार्जन कार्य किया गया है जोकि गत वर्ष की तुलना में 4.03 लाख मी. टन एवं गत वर्ष की तुलना में 46 प्रतिशत अधिक है। जिसमें मुख्यत: बालाघाट जिले में 0.54 लाख मी. टन, जबलपुर जिले में 0.48 लाख मी. टन, ग्वालियर जिले में 0.54 लाख मी. टन, शिवपुरी में 0.14 लाख मी. टन एवं दतिया जिले में 0.13 लाख मी. टन शामिल है। इसके अतिरिक्त विपणन संघ द्वारा इस वर्ष उज्जैन जिले में पहली बार 5 किसानों से समर्थन मूल्य पर 32.72 मी. टन धान का उपार्जन किया गया है।

पुख्ता व्यवस्था
धान उपार्जन हेतु भारत सरकार द्वारा निर्धारित 46 प्रतिशत पुराने बारदाने एवं 54 प्रतिशत नये बारदाने के उपयोग किये जाने का प्रावधान है, चूंकि वर्ष 2020 में विश्वव्यापी महामारी कोरोना एवं रबी विपणन वर्ष 2020-21 में गेहूं के बम्पर उत्पादन होने से राज्य में नये बारदानों की कमी के कारण उपार्जित धान की भर्ती हेतु मिलर्स एवं समितियों से अधिक मात्रा में पुराने बारदानों को प्राप्त कर उपार्जन अवधि में किसी भी जिले में बारदाने की कमी के कारण धान उपार्जन कार्य प्रभावित नहीं होने दिया जो विपणन संघ के प्रबंध संचालक श्री पी. नरहरि के कुशल नेतृत्व के कारण ही संभव हो सका है। उन्होंने समय-समय पर जिला अधिकारियों को भ्रमण कर किसानों एवं समितियों की व्यवस्था सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए कहा। इस तरह की कार्यवाही पौने तीन माह खरीदी अवधि के दौरान चली। श्री नरहरि ने एडवांस में ही धान खरीदी की प्लानिंग कर ली थी।

सुचारू परिवहन
विपणन संघ द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में उपार्जित धान के समय से एवं सुचारू परिवहन हेतु भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार एसओआर पद्धति से आवंटित जिलों में ऑनलाईन निविदा के माध्यम से परिवहनकर्ताओं से निविदायें आमंत्रित कर समय-सीमा में परिवहन कार्य संपन्न कराया गया है।

तत्काल भुगतान
विपणन संघ द्वारा वर्तमान खरीफ विपणन वर्ष में 2020-21 में कुल 12.75 लाख मी. टन धान के विरूद्ध किसानों को 2382.32 करोड की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान किये जाने के लिए से खाद्यान्न साख सीमा से राशि रूपये 2541.11 करोड का ऋण लिया गया है।
विपणन संघ द्वारा एजेन्ट सहकारी समितियों को धान के उपार्जन कार्य के लिए लगभग 40 करोड. की राशि कमीशन मद में भुगतान की जावेगी जिससे सहकारी समितियों की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ होगी।

राज्य में इस वर्ष कुल धान खरीदी
द्य 5 लाख 89 हजार किसानों से 37 लाख 26 हजार मीट्रिक टन हुई।
द्य गत वर्ष से 11.40 लाख मीट्रिक टन अधिक हुई खरीदी।
द्य गत वर्ष 2019-20 में 25.86 लाख मीट्रिक टन हुई थी खरीदी।

वर्ष 2020-21 में मार्कफेड द्वारा धान खरीदी
द्य मार्कफेड को मिले 33 जिलों में 495 खरीदी केन्द्रों में 2.37 लाख किसान पंजीकृत।
द्य 17 जिलों के 480 खरीदी केन्द्रों पर 1.75 लाख किसानों से 12.75 लाख मी. टन हुई धान खरीदी।
द्य 2382.32 करोड़ रुपये किसानों को किया भुगतान।

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