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राज्य कृषि समाचार (State News)

प्रोम खाद से नकली डीएपी भरते हुए पकड़ा

9 जुलाई 2022, इंदौर । प्रोम खाद से नकली डीएपी भरते हुए पकड़ा – डीएपी के नाम पर प्रोम खाद बेचने का मामला सामने आया है। कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पालदा में आरटीओ के पास एक निर्माणाधीन गोदाम से इफ्को डीएपी की बोरियों में प्रोम खाद भरी हुई बोरियां जब्त की है। कृषि विभाग द्वारा पंचनामा बनाकर आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज़ की जा रही है।

कृषक जगत को सूत्रों ने बताया डीएपी के नाम पर प्रोम खाद बेचने की सूचना मिलने पर कलेक्टर और उप संचालक कृषि  के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम ने पालदा में एक गोदाम में छापे की कार्रवाई में महाधन नामक प्रोम खाद को इफ्को डीएपी की बोरियों में भरते हुए पकड़ा। मौके से करीब 400 बोरी जब्त की गई है। आरोपियों द्वारा प्रोम खाद और अन्य घटिया सामग्री से निर्मित नकली डीएपी खाद बेचा जा रहा था।  यही नहीं आरोपियों ने इफ्को डीएपी की जो खाली बोरियां इस्तेमाल की वह भी नकली बताई जा रही है।आरोपियों के खिलाफ भंवरकुंआ थाने पर एफआईआर दर्ज की जा रही है। बताया जा रहा है कि इस गोदाम में नकली डीएपी बनाने का कार्य लम्बे अर्से से किया जा रहा था। कतिपय मुनाफाखोर व्यापारी नकली खाद बेचकर किसानों को धोखा दे रहे हैं। इसी कारण नकली खाद से किसानों को निजात नहीं मिल पा रही है और नकली खाद का कारोबार बढ़ता ही जा रहा है।  

उल्लेखनीय है कि प्रोम खाद डीएपी से बहुत सस्ता होता है।प्रोम खाद को जैविक खाद के रूप में बेचा जाता है। गुजरात से आयातित प्रोम की एक बोरी 300 -400 रु में पड़ती है, जबकि डीएपी की एक बोरी 1350 रु की आती है। प्रोम  की एक बोरी किसानों को 800 रु तक में बेचकर व्यापारियों द्वारा मोटा मुनाफा कमाया जाता है।अब प्रोम से नकली डीएपी खाद बनाने के मामले से कई सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीण अंचल में कहीं -कहीं प्रोम खाद को ही डीएपी खाद बताकर भी बेच दिया जाता है। सस्ते के चक्कर में भोले अनपढ़ किसान ऐसे लोगों के झांसे में आ जाते हैं और उनकी फसल बर्बाद हो जाती है। ऐसे धोखेबाज़ व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की दरकार है, ताकि ऐसी घटनाओं से अन्य लोग सबक लें।

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