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राज्य कृषि समाचार (State News)

इंदौर में 9 से 11 जून तक ब्रिक्स कृषि कार्य समूह और 12-13 जून को कृषि मंत्रियों की बैठक

 जी-20 के बाद अब ब्रिक्स कृषि समूह की मेजबानी इंदौर को  

 केंद्रीय कृषि मंत्री ने मुख्यमंत्री के साथ की तैयारियों की समीक्षा

लेखक: सचिन बोंद्रिया

04 मई 2026, इंदौर: इंदौर में 9 से 11 जून तक ब्रिक्स कृषि कार्य समूह और 12-13 जून को कृषि मंत्रियों की बैठक –  जी-20 की सफल मेजबानी के बाद अब इंदौर को एक और बड़ा अंतरराष्ट्रीय अवसर मिला है। जून माह में इंदौर ब्रिक्स कृषि कार्य समूह और कृषि मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा, जिससे शहर वैश्विक कृषि कूटनीति के केंद्र के रूप में उभरेगा।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ बैठक कर आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। इसके पश्चात आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता में आयोजित यह सम्मेलन देश की कृषि शक्ति, नवाचार और नेतृत्व को दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा।

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श्री चौहान ने बताया कि 9 से 11 जून तक ब्रिक्स कृषि कार्य समूह की बैठक होगी, जबकि 12 व 13 जून को सदस्य देशों के कृषि मंत्री खाद्य सुरक्षा, जलवायु स्मार्ट खेती, कृषि व्यापार, किसान कल्याण, डिजिटल कृषि, प्रिसिजन फार्मिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स जैसे विषयों पर मंथन करेंगे। श्री चौहान ने कहा कि ब्रिक्स देशों से दुनिया की 42 प्रतिशत कृषि भूमि, 68 प्रतिशत छोटे किसान और लगभग 45 प्रतिशत अनाज उत्पादन जुड़ा है। ऐसे में इंदौर में होने वाला यह आयोजन वैश्विक कृषि नीति निर्धारण के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में ब्रिक्स (BRICS) के 11 सदस्य देश हैं- भारत, ब्राज़ील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब। इसके साथ कई साझेदार देश भी जुड़े हुए हैं, इसलिए इंदौर में होने वाली यह बैठक व्यापक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी और बहुपक्षीय कृषि सहयोग का महत्वपूर्ण अवसर बनेगी।

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केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि इंदौर अपनी स्वच्छता, आतिथ्य और संगठन क्षमता के बल पर इस आयोजन को यादगार बनाएगा।इस अवसर पर एक विशेष कृषि प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जिसमें मध्यप्रदेश की कृषि विविधता, उन्नत तकनीकों, प्राकृतिक खेती, प्रसंस्करण क्षमता तथा कृषि नवाचारों का प्रदर्शन किया जाएगा। देश-विदेश से आने वाले अतिथियों को प्रदेश की समृद्ध कृषि परंपरा और आधुनिक कृषि उपलब्धियों से परिचित कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह सम्मेलन मध्यप्रदेश के किसानों, कृषि नवाचारों और नई तकनीकों के लिए नए अवसर खोलेगा। साथ ही राज्य की प्राकृतिक खेती, कृषि विविधता और निवेश संभावनाओं को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ.  यादव ने भी इस अवसर को मध्यप्रदेश के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि यह आयोजन राज्य के किसानों, कृषि नवाचारों और नई तकनीकों के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगा। उनके अनुसार, जलवायु परिवर्तन, कृषि उन्नति, प्राकृतिक खेती, किसानों की आय वृद्धि और कृषि से जुड़ी विविध संभावनाओं के संदर्भ में यह सम्मेलन मध्य प्रदेश और देश दोनों के लिए उपयोगी साबित होगा।

उल्लेखनीय है कि ब्रिक्स की औपचारिक शुरुआत वर्ष 2009 में हुई थी, जब ब्राजील, रूस, भारत और चीन के राष्ट्राध्यक्षों का पहला शिखर सम्मेलन रूस के येकातेरिनबर्ग शहर में आयोजित किया गया था। प्रारंभ में यह समूह ब्रिक के नाम से जाना जाता था, बाद में वर्ष 2010 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने पर इसका नाम ब्रिक्स कर दिया गया। वर्तमान में ब्रिक्स समूह में 10 स्थायी सदस्य देश हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न शिखर सम्मेलनों में मेजबान देश द्वारा कई अन्य देशों और संगठनों को आमंत्रित सदस्य के रूप में बुलाया जाता है, जिनकी कुल संख्या आयोजन के अनुसार अलग-अलग रहती है। यह समूह वैश्विक आर्थिक, व्यापारिक, तकनीकी तथा कृषि सहयोग के प्रभावशाली मंच के रूप में स्थापित हो चुका है। भारत के लिए यह मंच कृषि निर्यात बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने, मोटे अनाज, जैविक खेती और कृषि स्टार्टअप को वैश्विक पहचान दिलाने का बड़ा अवसर है।

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