किसानों से संवाद का उत्सव है बलराम कृषि महोत्सव – मुख्यमंत्री डॉ. यादव
10 अगस्त 2026, भोपाल: किसानों से संवाद का उत्सव है बलराम कृषि महोत्सव – मुख्यमंत्री डॉ. यादव – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बलराम कृषि महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि किसानों को नई तकनीक, वैज्ञानिक खेती और समृद्ध भविष्य से जोड़ने का एक व्यापक अभियान है। सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें हरसंभव सहायता देने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार किसान कल्याण वर्ष में किसान हितैषी योजनाओं को प्राथमिकता के साथ हर किसान तक पहुंचा रही है। किसानों के खेतों में पानी, बिजली, खाद-बीज, कृषि यंत्र पहुंचाने के साथ-साथ उनके खातों में फसल बीमा, सम्मान निधि और ब्याज मुक्त ऋण की राशि पहुंचाई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव सीहोर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम को छिंदवाड़ा से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा से संवाद भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि पिछली कैबिनेट में राज्य सरकार ने ऐतिहासिक कवच योजना को मंजूरी दी है। कवच योजना से ऐसे किसानों की चिंता दूर होगी, जिनके सहकारी खातों में पुरानी गड़बड़ियों और जांच में देरी के कारण उन्हें नया ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। अब ऐसे किसानों को मुख्य धारा में लाकर नया कृषि ऋण और सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ दिलाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने अब 6-6 महीने के स्थान पर एक साल में खातों को पलटने की व्यवस्था लागू की है। खाते क्लियर करने के लिए 31 मार्च तक की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है। अब किसान भाई जब पैसा हो तब खाते में जमा कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में राज्य सरकार सिंचाई सुविधाओं को बढ़ाने के साथ-साथ आधुनिक खेती, प्राकृतिक खेती और कृषि यंत्रों का विस्तार कर रही है उन्होंने आय बढ़ाने के लिए किसानों को फसल विविधीकरण को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पशुपालन, मत्स्य पालन वर्तमान समय की मांग है, राज्य सरकार इन क्षेत्रों में हर संभव प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए दुग्ध समितियों का गठन किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने यह पूरा वर्ष किसान कल्याण को समर्पित किया है।
खेत में दाना बोने से लेकर बाजार में दाम दिलवाने तक सरकार किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। गेहूं उत्पादक किसानों की चिंता हमने एमएसपी और बोनस के साथ रिकॉर्ड 104 लाख मैट्रिक टन गेहूं खरीद कर दूर की। सोयाबीन उत्पादक किसानों की चिंता भावांतर योजना से दूर की। उन्होंने कहा कि पहली बार श्रीअन्न कोदो-कुटकी की एमएसपी पर खरीदी हुई और किसानों को बोनस भी मिला है। इसके साथ ही किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए पात्र किसानों से मूंग उपार्जन की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत की गई है।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसल विविधिकरण के दिया जा रहा बढ़ावा – राजस्व मंत्री- इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री करणसिंह वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों की समृद्धि और कल्याण को बढ़ावा देने के के लिए वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर फसल विविधिकरण के बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा किसानों के हित में अनेक निर्णय लिए जा रहे हैं। अब यदि किसी किसान की जमीन सड़क, नहर या अन्य शासकीय परियोजनाओं में जाएगी तो उस किसान को 04 गुना मुआवजा मिलेगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ यादव द्वारा राजस्व के लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए राजस्वग महाभियान एवं साइबर तहसील जैसी पहलें प्रारंभ की गई हैं। राजस्व महाभियान के अंतर्गत प्रदेश में एक करोड़ से अधिक राजस्व संबंधी प्रकरणों का निराकरण किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले किसानों को फसल नुकसान होने पर मात्र दो हजार रूपये प्रति एकड़ मुआवजा मिलता था, पर हमारी सरकार किसानों को 32 हजार रूपये प्रति हैक्टेयर मुआवजा दे रही है। उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि जिले के किसानों को फसल विक्रय, खाद बीज, राजस्व संबंधी कार्यों, योजनाओं का लाभ सहित कृषि संबंधी किसी भी कार्य के लिए परेशान न होना पड़े। अधिकारी किसानों की समस्याएं सुनें और त्वरित निराकरण करें। राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।
स्टॉल लगाकर दी गई योजनाओं की जानकारी – बलराम कृषि महोत्सव में कृषि विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा कृषि आधारित प्रदर्शनी एवं स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों पर किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों, उन्नत बीज, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, फसल विविधीकरण, सिंचाई तकनीकों, उद्यानिकी, पशुपालन तथा शासन की विभिन्न किसान कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही किसानों को योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया। महोत्सव में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को खेती, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, जल संरक्षण, फसल सुरक्षा, उन्नत उत्पादन तकनीकों तथा बदलती जलवायु के अनुरूप कृषि प्रबंधन के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी। कार्यक्रम में किसानों को नवीन कृषि तकनीकों को अपनाने, उत्पादन लागत कम करने तथा आय बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं, अनुदान, कृषि यंत्रीकरण एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में भी विस्तार से जानकारी उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम में जिले के उत्कृष्ट किसानों, छात्रों और सोशल मीडिया इन्फ्ल्यूएंसरों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रचना सुरेंद्र मेवाड़ा, श्री रजेंद्र सिंह और श्री कप्तान सिंह यादव ने भी संबोधित किया।
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