हरियाणा: मशीनरी व कस्टम हायरिंग सेन्टर खोलने के लिए ऑनलाइन आवेदन

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07 अगस्त 2020, चण्डीगढ़। हरियाणा : मशीनरी व कस्टम हायरिंग सेन्टर खोलने के लिए ऑनलाइन आवेदन हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जय प्रकाश दलाल ने कहा है कि प्रदेश की मनोहर सरकार ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लक्ष्य को हासिल करने की पहल की है। एक ओर किसानों को भूमि की ऊर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं तो दूसरी ओर फसल अवशेष प्रबधंन के लिए मशीनरी पर 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी देने की योजना शुरू की गई है।

यहां जारी एक वक्तव्य में कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार की योजना है कि भूमि की क्षीण हो रही उर्वरा शक्ति को बचाने व बढ़ते वायु प्रदूषण को रोकने के लिए फसल अवशेष प्रबंधन पर मुख्य फोकस किया जाए। इसको देखते हुए विभाग ने पराली प्रबंधन के लिए मशीनरी व कस्टम हायरिंग सेन्टर खोलने के लिए किसान समूहों, व्यक्तिगत किसानों से फसल अवशेष प्रबंधन योजना 2020-21 के लिए 7 से 17 अगस्त, 2020 तक ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं ताकि धान कटाई सीजन के साथ ही पहली से 15 अक्तूबर,2020 के बीच मशीनरी खरीदने के लिए सब्सिडी जारी की जा सकें।

श्री दलाल ने कहा कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा राष्ट्रीय हरित ट्रिब्यूनल पहले से ही गम्भीर है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण को रोकना हम सबको अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा।

उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का ऐसा राज्य है, जहां पर कृषि विश्वविद्यालय, बागवानी विश्वविद्यालय तथा पशुविज्ञान विश्वविद्यालय हैं। किसानों की कृषि के साथ-साथ पशुपालन एवं बागवानी में किस प्रकार अधिक से अधिक आय बढ़ाई जा सके, इसके लिए नई-नई योजनाएं बनाई जा रही हैं। इसके अलावा, 20 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत के आर्थिक पैकेज में भी कृषि एवं सम्बद्घ क्षेत्रों के लिए एक बड़ी राशि निर्धारित की गई है। देश में कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए घोषित एक लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज में से हरियाणा के लिए 3900 करोड़ रुपये आबंटित किए गये हैं

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