बड़वानी जिले में खरीफ फसलों की बोनी के लिए सभी तैयारियां पूरी

Share

24  मई 2021, बड़वानी। बड़वानी जिले में खरीफ फसलों की बोनी के लिए सभी तैयारियां पूरी – जिले में किसान भाईयों द्वारा खरीफ फसलों की बोनी हेतु तैयारी कर ली गई है। सिंचित क्षेत्रों में किसानों द्वारा शीघ्र ही बीटी कपास की बोनी की जावेगी। कृषि विभाग द्वारा जिले के किसानों को सही समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज, खाद की उपलब्धता हेतु व्यापक रणनीति तैयार कर कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।

उपसंचालक कृषि श्री केएस खपेडिय़ा ने बताया कि जिले में विगत वर्ष 2,38,506 हेक्टर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बोनी की गई थी। इस वर्ष 2,38550 हेक्टर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बोनी संभावित है। खरीफ फसलों में प्रमुख रूप से अनाज फसलें 94,355 हे., दलहन 12,825 हे., तिलहन 45,650 हे. तथा कपास 74,635 हे. क्षेत्र में बोनी की जाना प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त 10,980 हे. क्षेत्र में अन्य फसलों की बोनी की जा सकेगी। खरीफ फसलों के उक्त रकबे हेतु कृषि विभाग द्वारा पर्याप्त मात्रा में उन्नत बीजों की व्यवस्था कर ली गई है।

उन्होने बताया कि उपलब्ध बीज में मुख्यात: 990 क्विंटल बीटी कपास, 13,360 क्विंटल मक्का व 11,620 क्विंटल सोयाबीन शामिल है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष 28,705 क्विंटल उन्नत बीज किसानों को उपलब्ध कराया गया था, जबकि इस वर्ष विभिन्न फसलों के 28,805 क्विंटल उन्नत बीज वितरण के लक्ष्य को दृष्टिगत रखते हुए लक्ष्य से अधिक भंडारण किया गया है।

उन्होंने बताया कि बीटी कपास निजी बीज विक्रेताओं की दुकानों में भी उपलब्ध है। शासन द्वारा बीटी कपास बीजी-ढ्ढ के लिये 635 रूपये प्रति पैकेट व बीजी-ढ्ढढ्ढ हेतु 767 रूपये प्रति पैकेट भाव निर्धारित किया गया है। किसानों से अनुरोध है कि वे लायसेंसी बीज विक्रेता के यहा से ही उक्त भाव में बीज खरीदें व पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें।
इसी प्रकार विगत वर्ष 79,416 मे. टन उर्वरक वितरण किया गया था, जिसमें वृद्धि करते हुए चालू खरीफ मौसम हेतु 97,275 मे.टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा गया है। उक्ता लक्ष्य की पूर्ति हेतु सहकारी समितियों के माध्यम से 51,251 मे. टन तथा निजी डीलर्स द्वारा 46,024 मे.टन उर्वरक का वितरण किया जावेगा। अब तक जिले में 15,524 मे. टन उर्वरक भंडारण कर लिया गया है एवं भंडारण की प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही किसान भाईयों को सलाह दी जाती है कि वे अपने खेत की मिट्टी के उपजाऊपन को बनाए रखने हेतु गोबर व अन्य जैविक खादों का उपयोग भी करें साथ ही मृदा स्वास्थ्य कार्ड की सिफारिश अनुसार सूक्ष्म तत्व उर्वरक भी अवश्य डालें।

कलेक्टर श्री शिवराजसिंह वर्मा ने जिले के किसानों को उचित भाव पर गुणवत्ता पूर्ण बीज, खाद व कीटनाशक दवाई की उपलब्धता सुनिश्चित करवाने हेतु कृषि विभाग को कृषि आदान परिसरों के सघन निरीक्षण एवं समुचित मात्रा में नमूने लेने के सख्त निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये हैं।

उन्होने खरीफ गुण नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत बीज के 220, रसायनिक उर्वरक 369 एवं कीटनाशक दवाई के 15 नमूनों के परीक्षण हेतु लक्ष्य निर्धारित किया है।

Share
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published.