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राज्य कृषि समाचार (State News)

पटना में एग्रो बिहार 2026 मेला संपन्न, 395 कृषि यंत्र खरीदे गए और किसानों को 1.85 करोड़ का अनुदान  

17 मार्च 2026, भोपाल: पटना में एग्रो बिहार 2026 मेला संपन्न, 395 कृषि यंत्र खरीदे गए और किसानों को 1.85 करोड़ का अनुदान – बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में 12 मार्च को शुरू हुए कृषि यंत्रीकरण मेला ‘एग्रो बिहार 2026’ का रविवार को सफल समापन हो गया। बिहार कृषि विभाग के आयोजन में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने सहयोग प्रदान किया। चार दिनों तक चले इस मेले में बिहार सहित अन्य राज्यों के किसान, कंपनियां और कृषि विशेषज्ञ शामिल हुए। मेले का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र और नई तकनीकों से परिचित कराना था।

कृषकों को मिला 1.85 करोड़ का अनुदान

एग्रो बिहार 2026 में किसानों ने बड़ी संख्या में कृषि यंत्र खरीदे। चार दिनों के दौरान कुल 395 यंत्रों की बिक्री हुई, जिनकी कुल कीमत लगभग 4.78 करोड़ रुपये बताई गई। इसके साथ ही किसानों को सरकार की ओर से 1.85 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान प्रदान किया गया। इस योजना से किसानों को आधुनिक मशीनें कम कीमत में मिल सकीं, जिससे खेती करना तेज और आसान हो गया।

कृषि विभाग ने बताया कि मशीनों के उपयोग से खेत का काम जल्दी पूरा होता है, मजदूरी की लागत कम होती है और किसान को अधिक लाभ प्राप्त होता है।

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देशभर के 35 हजार से अधिक किसान हुए शामिल

मेला किसानों के लिए सीखने और तकनीक अपनाने का बड़ा मंच साबित हुआ। चार दिनों में 35,000 से अधिक किसान और आम नागरिकों ने इस मेले में भाग लिया। केवल अंतिम दिन रविवार को ही 1,840 किसानों ने मेले में पहुंचकर स्टॉलों का अवलोकन किया और कई ने नई मशीनें खरीदी।

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किसानों ने विभिन्न कंपनियों के स्टॉल पर जाकर मशीनों और तकनीकों की जानकारी ली। इससे उन्हें यह समझने में मदद मिली कि आधुनिक यंत्रीकरण से खेती में समय और लागत की बचत कैसे हो सकती है।

खेती को आधुनिक बनाने का प्रयास

समापन समारोह में बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि यह मेला केवल मशीनों की प्रदर्शनी नहीं था, बल्कि किसानों के लिए सीखने का बड़ा मंच था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में कृषि को मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जैसे कृषि रोड मैप, बेहतर सिंचाई व्यवस्था, उन्नत बीज, बागवानी और कृषि यंत्रीकरण।

कृषि मंत्री ने यह भी बताया कि मेले में किसानों को खेती में तकनीक अपनाने के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। मशीनों के इस्तेमाल से न केवल समय की बचत होती है, बल्कि काम की गुणवत्ता और लाभ में भी वृद्धि होती है।

पूर्वी भारत का सबसे बड़ा कृषि यंत्रीकरण मेला

कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने बताया कि एग्रो बिहार मेला पूर्वी भारत का सबसे बड़ा कृषि यंत्रीकरण मेला माना जाता है और इसे साल 2011 से लगातार आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को नई तकनीक और आधुनिक कृषि यंत्रों से परिचित कराना है, ताकि खेती तेज, आसान और कम खर्चीली बन सके।

मेले में खेती से जुड़े कई विभागों ने अपने स्टॉल लगाए। इनमें खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य पालन, गव्य विकास, गन्ना उद्योग, उद्योग विभाग और सहकारिता विभाग शामिल थे। इन स्टॉलों पर किसानों को सरकारी योजनाओं और उन्नत खेती के तरीकों की जानकारी दी गई।

कंपनियों और अधिकारियों को सम्मानित किया गया
समापन समारोह में मेले में भाग लेने वाली कंपनियों और अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। बिरला टायर्स को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रथम पुरस्कार मिला। दूसरा पुरस्कार हैवल्स इंडिया को और तीसरा पुरस्कार शक्तिमान एग्रीकल्चरल इक्विपमेंट को प्रदान किया गया।

कृषकों के लिए लाभकारी साबित हुआ मेला

कुल मिलाकर एग्रो बिहार 2026 मेला किसानों के लिए बहुत उपयोगी रहा। मेले के माध्यम से किसानों ने नई मशीनों और तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त की। कई किसानों ने आधुनिक कृषि यंत्र खरीदे और अपनी खेती को और बेहतर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया। इससे किसानों की कार्यक्षमता और आय दोनों में वृद्धि की उम्मीद है।

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