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राज्य कृषि समाचार (State News)

कृषि स्नातक सुश्री सोनाली का चयन यूपीएससी में

  • (अतुल सक्सेना)

9 जून 2022, भोपाल । कृषि स्नातक सुश्री सोनाली का चयन यूपीएससी में – मन में दृढ़ इच्छा शक्ति और लक्ष्य को साधकर लगाया निशाना कभी व्यर्थ नहीं जाता। जहां चाह होती है वहां राह निकल ही आती है। इस कहावत को चरितार्थ किया है, म.प्र. के कृषि परिवार की होनहार बेटी सुश्री सोनाली सिंह परमार ने। सोनाली ने 22 वर्ष की छोटी सी उम्र में पहले ही प्रयास में संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा 2021 में कृषि विषय लेकर पूरे देश में 187 रैंक हासिल कर अपने प्रदेश, शहर तथा माता-पिता का नाम रोशन किया है। इस परीक्षा का परिणाम अभी हाल ही में घोषित किया गया है।

संचालक कृषि बनी आदर्श

कृषि संचालनालय भोपाल में पदस्थ सहायक संचालक डॉ. राजेन्द्र परमार एवं उनकी धर्मपत्नी सहायक संचालक श्रीमती अर्चना परमार की इकलौती सुपुत्री सोनाली सिंह परमार का कहना है कि उनका चयन माता-पिता के आशीर्वाद का प्रतिफल है। प्रदेश की संचालक कृषि श्रीमती प्रीति मैथिल को अपना आदर्श मानकर उन्होंने यह सफलता हासिल की है। क्योंकि श्रीमती मैथिल भी कृषि स्नातक हैं।

शिक्षा एवं तैयारी

सुश्री सोनाली ने कृषक जगत को विशेष मुलाकात में बताया कि उनकी आठवीं तक शिक्षा सीहोर से, इसके बाद 12वीं तक की पढ़ाई भोपाल के ईदगाह हिल्स स्थित सेंट जोसेफ स्कूल से हुई। इसके बाद जवाहरलाल नेहरू कृषि वि.वि. जबलपुर से कृषि स्नातक की शिक्षा प्राप्त की। और साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी भी की। इसके लिए कृषि विषय ही लेने का मन बनाया, क्योंकि लगातार चार वर्षों से उसी विषय को पढ़ रही थीं, जो मददगार साबित हुआ।

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कृषि में कई ऑप्सन

कृषि विषय लेने के सवाल पर सुश्री सोनाली ने बताया कि इस विषय में कई ऑप्सन हैं, यूपीएससी में चयन न होने पर दूसरे क्षेत्रों में अच्छा स्कोप है। उन्होंने बताया कि साक्षात्कार में सीहोर पर खास सवाल पूछा कि वह गांव है इस पर उन्होंने कहा कि वह जिला मुख्यालय है।

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युवाओं को संदेश

युवा छात्र-छात्राओं को संदेश देने के सम्बन्ध में सुश्री सोनाली ने बताया कि चयन की चिंता छोडक़र फ्री माइंड से परीक्षा देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अलग-अलग ढेर सारी पुस्तकें पढऩे के बजाय एक विषय की एक पुस्तक को ही तीन-चार बार पढऩा चाहिए जिससे कन्फ्यूजन नहीं होता। इसके साथ ही उत्तर लिखने का प्रेजेंटेशन अच्छा होना चाहिए, जो सफलता दिलाता है। सुश्री सोनाली ने बताया कि कम से कम 8 घंटे की पढ़ाई, टी.वी., इन्टरनेट से दूरी बनाई तथा न्यूज पेपर का प्रतिदिन अध्ययन किया और दिल्ली से ऑनलाईन कोचिंग की जो बहुत काम आयी। सोनाली ने बताया कि यह सब इतनी जल्दी हुआ कि पता ही नहीं चला। सितम्बर 2021 में ग्रेज्युएट हुई। 10 अक्टूबर 2021 को प्रारंभिक परीक्षा, जनवरी 2022 में मुख्य परीक्षा, 9 मई को साक्षात्कार और 30 मई 2022 को परिणाम आ गया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के साथ-साथ अपने गुरुजन एवं दोस्तों को भी दिया।

माता-पिता का अहम फैसला

कृषि विभाग में पदस्थ माता-पिता सहायक संचालक द्वय डॉ. राजेन्द्र परमार एवं श्रीमती अर्चना परमार का कहना है कि भगवान का लाख-लाख शुक्र है कि हमारी इकलौती बेटी ने यह बड़ा मुकाम हासिल किया है। हमें उस पर गर्व है। उन्होंने बताया कि हमने दिल्ली के मिरान्डा हाउस गल्र्स कॉलेज में सोनाली का जुलॉजी विषय से बीएससी ऑनर्स में एडमीशन कराया था, परन्तु फिर मन बदला और ज.के.कृ.वि.वि. जबलपुर से कृषि स्नातक कराने का फैसला लिया। हमारे फैसले की लाज रखते हुए बेटी ने कृषि स्नातक होने के साथ ही सिविल सेवा परीक्षा में 187 रैंक लाकर खानदान का नाम रोशन कर दिया। श्री परमार ने भावुक होकर बताया कि बेटी की सफलता के पीछे धर्मपत्नी श्रीमती अर्चना परमार ने काफी त्याग और तपस्या की तथा समय-समय पर बेटी को मार्गदर्शन दिया।

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