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राज्य कृषि समाचार (State News)

टीकमगढ़ में पहुंची डीएपी खाद की रैक, एक सप्ताह में ई-विकास पोर्टल पर शुरू हो सकती है ऑनलाइन बुकिंग

22 अक्टूबर 2026, टीकमगढ़: टीकमगढ़ में पहुंची डीएपी खाद की रैक, एक सप्ताह में ई-विकास पोर्टल पर शुरू हो सकती है ऑनलाइन बुकिंग – मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले में रबी फसलों की बोवनी के लिए किसानों को डीएपी खाद उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिले में डीएपी खाद की एक रेलवे रैक पहुंच गई है, जबकि एक अन्य रैक भी जल्द आने की संभावना है। इससे जिले में डीएपी खाद की उपलब्धता बढ़ेगी और किसानों को खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। वर्तमान स्थिति के अनुसार, रेलवे रैक से पहुंची डीएपी खाद लगभग एक सप्ताह में ई-विकास पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग के लिए उपलब्ध हो सकती है।

जिला प्रशासन खाद की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी कर रहा है, ताकि किसानों को खाद प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी न हो। इसी सिलसिले में कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने सुबह मार्कफेड कार्यालय पहुंचकर उर्वरक कंपनी और मार्कफेड के अधिकारियों से जिले में खाद की उपलब्धता, किसानों की मांग तथा ई-विकास पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग शुरू करने की प्रक्रिया की जानकारी ली।

ऑनलाइन बुकिंग से पहले पूरी होंगी जरूरी प्रक्रियाएं

कलेक्टर ने रेलवे रैक पहुंचने के बाद खाद को किसानों के लिए ऑनलाइन बुकिंग हेतु उपलब्ध कराने में लगने वाले समय और संबंधित प्रक्रियाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं समय पर पूरी करते हुए खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आपसी समन्वय से काम करें। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने बताया कि रेलवे रैक पहुंचने के बाद खाद को उतारकर संबंधित गोदामों अथवा सहकारी संस्थाओं तक पहुंचाया जाता है। इसके बाद प्राप्त खाद की वास्तविक मात्रा का मिलान किया जाता है और मार्कफेड पोर्टल पर स्टॉक से संबंधित प्रविष्टियां दर्ज की जाती हैं। इसके पश्चात भारत सरकार के पीएफएमएस पोर्टल पर खाद की प्राप्ति और स्टॉक का मिलान कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं।

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इन सभी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही संबंधित खाद का स्टॉक ई-विकास पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग के लिए दिखाई देने लगता है। खाद की वास्तविक उपलब्धता का सत्यापन, स्टॉक का मिलान और विभिन्न पोर्टल पर जरूरी प्रविष्टियां अपडेट करने में समय लगता है। इसी वजह से रेलवे रैक पहुंचने के तुरंत बाद खाद ऑनलाइन बुकिंग के लिए उपलब्ध नहीं हो पाती। प्रशासन के अनुसार, जिले में पहुंची डीएपी खाद के लगभग एक सप्ताह में ई-विकास पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग के लिए उपलब्ध होने की संभावना है। प्रशासन का प्रयास है कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं जल्द पूरी हों, जिससे किसानों को समय पर खाद मिल सके।

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छोटे किसानों को भी मिले ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा

कलेक्टर ने किसानों से अपील की है कि वे खाद की ऑनलाइन बुकिंग करते समय निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे किसान तकनीकी जानकारी की कमी या ऑनलाइन बुकिंग में आने वाली कठिनाइयों के कारण पीछे न छूटें। सभी किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सहयोग दिया जाना चाहिए। किसान सुबह 10 बजे से ई-विकास पोर्टल पर खाद की उपलब्धता देखकर बुकिंग का प्रयास कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर वे व्हाट्सऐप के माध्यम से बुकिंग कर सकते हैं या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) ऑपरेटरों और ग्रामीण युवाओं की मदद ले सकते हैं।

डीएपी की दूसरी रैक भी जल्द आने की संभावना

जिला प्रशासन के अनुसार, टीकमगढ़ में डीएपी खाद की एक रैक पहुंच चुकी है, जबकि दूसरी रैक जल्द आने की संभावना है। खाद की आवक, भंडारण और वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि रबी फसलों की बोवनी के दौरान किसानों को परेशानी न हो। इसके साथ ही किसानों से उपलब्ध उर्वरकों का संतुलित और जरूरत के अनुसार उपयोग करने की अपील की जा रही है। डीएपी के विकल्प के रूप में टीएसपी और एनपीके उर्वरकों के उपयोग पर भी विचार करने को कहा गया है।

जिला प्रशासन संबंधित विभागों और उर्वरक एजेंसियों के साथ समन्वय कर खाद की उपलब्धता बढ़ाने तथा वितरण व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के प्रयास कर रहा है। इसका उद्देश्य किसानों को समय पर आवश्यक उर्वरक उपलब्ध कराना और रबी फसलों की बोवनी के दौरान होने वाली परेशानियों को कम करना है। 

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