अल-नीनो की आशंका के बीच कृषि विभाग की एडवाइजरी, किसानों को फसल विविधीकरण की सलाह
08 जुलाई 2026, रायपुर: अल-नीनो की आशंका के बीच कृषि विभाग की एडवाइजरी, किसानों को फसल विविधीकरण की सलाह – छत्तीसगढ़ में अल-नीनो के संभावित प्रभाव और मानसून की अनिश्चित परिस्थितियों को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने किसानों से सतर्क रहने और खरीफ सीजन में फसल विविधीकरण अपनाने की अपील की है। विभाग का कहना है कि मानसून में देरी, लंबे समय तक सूखे जैसी स्थिति और बारिश का मौसम समय से पहले समाप्त होने की आशंका फसलों को प्रभावित कर सकती है। इससे निपटने के लिए राज्य में विशेष आकस्मिक कार्ययोजना लागू की गई है।
कृषि विभाग के अनुसार इस कार्ययोजना का उद्देश्य सीमित जल संसाधनों में बेहतर उत्पादन सुनिश्चित करना है। इसके लिए फसल विविधीकरण, कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा, जल संरक्षण और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया गया है। किसानों को कम अवधि में तैयार होने वाली तथा कम पानी की आवश्यकता वाली धान की उन्नत किस्मों का चयन करने की सलाह दी गई है।
विभाग ने बताया कि टिकरा और भर्री जैसी ऊंची एवं ढलान वाली भूमि में समय पर बुआई के साथ नमी संरक्षण के लिए डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) पद्धति अपनाना लाभकारी रहेगा। किसानों से केवल धान की खेती पर निर्भर रहने के बजाय अरहर, मूंग, उड़द जैसी दलहनी फसलों तथा तिल, सोयाबीन और मूंगफली जैसी तिलहनी फसलों को भी खेती में शामिल करने की अपील की गई है।
खेतों में नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग (भूमि आच्छादन) तकनीक अपनाने, मेड़बंदी को मजबूत करने और वर्षा जल संरक्षण के स्थानीय एवं पारंपरिक उपायों को बढ़ावा देने की सलाह भी दी गई है। विभाग का कहना है कि इन उपायों से वाष्पीकरण कम होगा और उपलब्ध नमी का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा, जिससे सूखे जैसी परिस्थितियों में भी फसलों को राहत मिलेगी।
कृषि विभाग ने किसानों से प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाव के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने की अपील की है। साथ ही खेती के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी या मौसम संबंधी समस्या आने पर निकटतम कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक मार्गदर्शन लेने की सलाह दी गई है।
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