राज्य कृषि समाचार (State News)

कृषि आयुक्त ने खेतों में जाकर देखी सीताफल और गुलकंद की खेती, किसानों के नवाचारों सराहा 

28 जुलाई 2025, भोपाल: कृषि आयुक्त ने खेतों में जाकर देखी सीताफल और गुलकंद की खेती, किसानों के नवाचारों सराहा – राजस्थान में उन्नत कृषि तकनीकों के विस्तार और नवाचारों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से कृषि एवं उद्यानिकी आयुक्त सुश्री चिन्मयी गोपाल ने चित्तौड़गढ़ जिले के विभिन्न प्रगतिशील कृषकों के खेतों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आधुनिक खेती, फसल विविधीकरण, प्रसंस्करण इकाइयों एवं अन्य नवाचारों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया और किसानों के प्रयासों की सराहना की।

निरीक्षण की शुरुआत सीताफल उत्कृष्टता केन्द्र, निम्बाहेड़ा रोड से हुई, जहां सुश्री गोपाल ने सीताफल बगीचों, शेडनेट हाउस, इन्सेक्ट नेट हाउस, हाई-टेक प्राइमरी नर्सरी एवं सीताफल प्रसंस्करण प्रयोगशाला का अवलोकन किया। उन्होंने प्रसंस्कृत उत्पादों की गुणवत्ता की प्रशंसा करते हुए क्षेत्रीय किसानों को प्रसंस्करण का प्रशिक्षण देकर अधिक लाभ दिलाने के निर्देश दिए।

प्रगतिशील किसान गोपाललाल जाट के फार्म का दौरा

इसके बाद ग्राम सुजाखेड़ा निवासी प्रगतिशील कृषक श्री गोपाललाल जाट के फार्म का निरीक्षण किया गया, जहाँ उन्होंने पालीहाउस, वर्मी कम्पोस्ट यूनिट, फार्म पॉण्ड, सब्जियों में मल्चिंग एवं सुपर नेपियर घास को देखा। आयुक्त महोदया ने श्री जाट की बहु-आयामी कृषि प्रणाली की सराहना करते हुए इसे अन्य किसानों तक पहुंचाने हेतु निर्देशित किया।

गुलाब खेती और गुलकंद प्रसंस्करण की सराहना

ग्राम चिकारड़ा में उन्होंने श्री रमेश्वरलाल खंडेलवाल द्वारा संचालित गुलाब की खेती एवं गुलकंद प्रसंस्करण यूनिट का अवलोकन किया, जहां क्षेत्रीय किसानों से गुलाब क्रय कर गुलकंद, गुलाब जल और शरबत तैयार किया जाता है। आयुक्त महोदया ने उन्हें स्वयं का ब्रांड विकसित कर विपणन करने की प्रेरणा दी। इसी दौरान भदेसर निवासी मधुमक्खी पालक श्री मोहनलाल खटीक द्वारा लाए गए शहद उत्पादों की भी सराहना की गई।

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मॉडल फार्मिंग को बढ़ावा देने पर जोर

अंत में आयुक्त सुश्री गोपाल ने निर्देश दिए कि ऐसे नवाचारों से युक्त फार्मों का भ्रमण कार्यक्रम अन्य किसानों के लिए आयोजित किया जाए, जिससे वे जैविक खेती, संसाधन-संवेदनशील उत्पादन, प्रसंस्करण व ब्रांडिंग जैसे पहलुओं से प्रेरणा लेकर आत्मनिर्भर बन सकें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को नवाचार आधारित उद्योग का स्वरूप देने हेतु कटिबद्ध है, और इस दिशा में प्रगतिशील किसानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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निरीक्षण के दौरान अधिकारी भी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान दिनेश कुमार जागा (संयुक्त निदेशक कृषि), डॉ. शंकरलाल जाट (उप निदेशक उद्यान), प्रेमचंद वर्मा (परियोजना निदेशक, आत्मा), डॉ. राजेन्द्र कुमार सामोता, रमेशचंद्र आमेटा, अंशु चौधरी, मुकेश कुमार धाकड़, डॉ. शिवांगी जोशी, नोविना शेखावत, दिनेश चंद्र झंवर सहित कई कृषि अधिकारी एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।

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