राज्य कृषि समाचार (State News)

गुना में खाद के अभाव से महिला की मौत, केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने घर जाकर दी संवेदना और व्यवस्था सुधार का आश्वासन

01 दिसंबर 2025, गुना: गुना में खाद के अभाव से महिला की मौत, केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने घर जाकर दी संवेदना और व्यवस्था सुधार का आश्वासन – मध्यप्रदेश के गुना जिले की बमोरी विधानसभा के अंतर्गत आने वाले बागेरी गांव में खाद की भारी किल्लत ने एक आदिवासी परिवार से उसकी सदस्य छीन ली। खाद पाने के लिए दो दिनों तक वितरण केंद्र के बाहर लगी लंबी कतारों में खड़ी रहने के बाद आदिवासी महिला भूरिया बाई की तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना ने न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया, बल्कि इलाके में खाद वितरण की अव्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

लाइन में दो दिन तक इंतज़ार, कड़ाके की सर्दी ने ली जान
जानकारी के मुताबिक, भूरिया बाई दो दिन पहले यूरिया लेने बागेरी खाद केंद्र पहुंची थीं। पहले दिन खाद उपलब्ध न होने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। अगले दिन भी जब वितरण नहीं हुआ, तो वह कड़ाके की ठंड में रातभर केंद्र के बाहर ही रुक गईं। इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई।

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परिजन और अन्य ग्रामीणों ने एंबुलेंस के लिए कॉल किया, लेकिन वाहन समय पर नहीं आया। मजबूर होकर एक किसान उन्हें निजी वाहन से बमोरी स्वास्थ्य केंद्र ले गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें गुना रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान भूरिया बाई ने दम तोड़ दिया।

मृत्यु प्रमाण पत्र में भी लापरवाही, कर्मचारी निलंबित

परिजनों को महिला की मौत के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र लेने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले ने जब तूल पकड़ा तो प्रशासन हरकत में आया और संबंधित कर्मचारी को निलंबित कर दिया।

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केंद्रीय मंत्री सिंधिया पहुंचे गांव, बोले—‘आज मैंने अपने परिवार का सदस्य खो दिया’

मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया स्वयं बागेरी गांव पहुंचे और मृतका के परिजनों से भेंट की। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि भूरिया बाई की मौत केवल परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि उनके लिए भी व्यक्तिगत क्षति है।

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सिंधिया ने परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की और अपने हाथों से उन्हें मृत्यु प्रमाण पत्र सौंपा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिवार को आगे किसी भी तरह की प्रशासनिक दिक्कत न हो और सभी सरकारी सहायता समय पर उपलब्ध कराई जाए।

खाद की कालाबाज़ारी पर सख्त रुख

स्थानीय किसानों के अनुसार बागेरी सहित कई केंद्रों पर खाद की भारी कमी है और 274 रुपये का एक बैग 400 रुपये तक के दाम में ब्लैक में बेचे जाने की शिकायतें सामने आई हैं।

सिंधिया ने इस पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि किसानों को परेशान करने वाली किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि खाद वितरण व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जा रहा है और वे स्वयं इसकी निगरानी करेंगे।

किसानों में आक्रोश, प्रशासन पर सवाल

घटना के बाद किसानों में व्यापक रोष है। रबी सीजन की बुवाई के बीच खाद की उपलब्धता कम होने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। कई किसानों को दिन-रात केंद्रों पर इंतज़ार करना पड़ रहा है। भूरिया बाई की मौत ने प्रशासनिक तंत्र की खामियों को उजागर कर दिया है और किसानों में भय तथा असंतोष दोनों बढ़े हैं। 

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