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राज्य कृषि समाचार (State News)

कृषि विकास के लिए राज्य में गठित होगी वैज्ञानिक–कृषक–संचालन टीम, फसल विविधता और उत्पादकता बढ़ाने की रणनीति लागू

02 फरवरी 2026, नई दिल्ली: कृषि विकास के लिए राज्य में गठित होगी वैज्ञानिक–कृषक–संचालन टीम, फसल विविधता और उत्पादकता बढ़ाने की रणनीति लागू – केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि विकास को नई दिशा देने के लिए वैज्ञानिकों, किसानों और केंद्र–राज्य अधिकारियों की एक संयुक्त टीम गठित की जाएगी। यह टीम राज्य की स्थानीय कृषि जलवायु परिस्थितियों के अनुसार फसल विविधता बढ़ाने और उत्पादकता में सुधार के लिए व्यावहारिक रणनीति तैयार करेगी। उन्होंने यह बात रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक और पत्रकार वार्ता के दौरान कही।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेती की अपार संभावनाएं हैं और इनका सही उपयोग आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक मार्गदर्शन से किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि गठित की जाने वाली टीम किसानों को परंपरागत खेती से आगे बढ़कर आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ कृषि मॉडल अपनाने में सहयोग करेगी, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकेगी।

उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषि और ग्रामीण विकास के हर क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही है। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और राज्य के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम भी उपस्थित रहे।

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आधुनिक खेती से बढ़ेगा किसानों का मुनाफा

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खपरी क्षेत्र में किसानों से संवाद कर आधुनिक कृषि तकनीकों का अवलोकन किया। उन्होंने फल-सब्जी की उन्नत खेती, पौधों की ग्राफ्टिंग नर्सरी, भाटा पद्धति से टमाटर और शिमला मिर्च की खेती, ड्रैगन फ्रूट, खजूर, ब्लूबेरी और केले की खेती की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि जहां पारंपरिक फसलों से प्रति एकड़ 35 से 40 हजार रुपये तक का लाभ होता है, वहीं आधुनिक बागवानी और उन्नत तकनीक अपनाने से यह लाभ 1 से 2 लाख रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच सकता है।

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कृषि विभाग की टीम द्वारा किसानों को कीटनाशकों के वैज्ञानिक उपयोग, रोग नियंत्रण और उच्च उत्पादक किस्मों के चयन के संबंध में भी मार्गदर्शन दिया गया।

दलहन–तिलहन उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य में खाली पड़े खेतों में दलहन उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाएगा। मसूर, उड़द, मूंग और अरहर जैसी दलहनी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही मूंगफली, सरसों और पाम ऑयल जैसी तिलहनी फसलों की खेती को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकें।

एकीकृत कृषि प्रणाली से छोटे किसानों को राहत

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में एकीकृत कृषि प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे छोटे और सीमांत किसानों को विविध आय स्रोत उपलब्ध होंगे। इस प्रणाली में कृषि के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी, औद्योगिक फसलें और जैविक खेती को जोड़ा जाएगा, ताकि किसानों की आय स्थायी रूप से बढ़ाई जा सके।

ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण पर जोर

ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उपलब्धियों की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पिछले डेढ़ वर्षों में राज्य में 18 लाख 12 हजार 742 आवास स्वीकृत और वितरित किए गए हैं। वहीं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 47 हजार 847 किलोमीटर लंबी 10 हजार 199 सड़कें और 123 बड़े पुलों का निर्माण किया गया है।

महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ‘लखपति दीदी’ योजना तेजी से लागू हो रही है। राज्य में 2 लाख 76 हजार समूहों से 30 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इनमें से 4 लाख 32 हजार महिलाएं लघु उद्योगों में सक्रिय हैं और उन्हें 11 हजार 196 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया गया है।

केंद्र–राज्य मिलकर करेंगे विकास कार्य

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ में कृषि और ग्रामीण विकास को लेकर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार की टीम को उत्कृष्ट कार्यों के लिए बधाई देते हुए कहा कि किसानों, गरीब परिवारों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सभी योजनाएं तेजी से लागू की जा रही हैं।

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