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राज्य कृषि समाचार (State News)

दमोह में नरवाई न जलाने हेतु चलाया गया जन जागरूकता अभियान

29 मार्च 2026, दमोह: दमोह में नरवाई न जलाने हेतु चलाया गया जन जागरूकता अभियान –  दमोह जिले के पथरिया विकासखंड में ‘नरवाई प्रबंधन’ को लेकर प्रशासन काफी गंभीर है। जिला कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के मार्गदर्शन में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग जिला दमोह विकासखंड पथरिया द्वारा मध्य प्रदेश कृषक कल्याण वर्ष 2026 के उपलक्ष में  नरवाई प्रबंधन जन जागरूकता अभियान  आयोजित किया गया ।  यह किसानों और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति नष्ट न हो इसकी दृष्टि से एक सराहनीय पहल है। पथरिया विकासखंड के 7 ग्रामों बोतराई, बासा कलां, असलाना, चिरोला, सागौनी कलां, खिरिया शंकर और पथरिया (न.प.) को ‘हॉटस्पॉट’ के रूप में चिन्हित किया गया है जहाँ पिछले वर्षों में नरवाई जलाने की सर्वाधिक घटनाएं हुई थीं। प्रशासन का लक्ष्य इस वर्ष इन घटनाओं को शून्य पर लाना है।

नरवाई प्रबंधन जन-जागरूकता अभियान: ‘नरवाई न जलाएं, खेत की सेहत बचाएं’ –  ग्राम पंचायत खिरिया शंकर और सागौनी कलां में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को नरवाई (फसल अवशेष) जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति सचेत करना है। कार्यक्रम में कृषक चौपाल के माध्यम से किसानों के साथ सीधा संवाद कर उन्हें वैज्ञानिक समाधान बताए गए। बाइक रैली एवं पैदल यात्रा से गांव-गांव घूम कर संदेश दिया गया ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण जागरूक हों।

वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी  श्री उमाशंकर प्रजापति, कृषि विस्तार अधिकारी सर्व श्री संजय पटेल, सुरेश बिरला और राघवेंद्र पटेल ने किसानों को नरवाई न जलाने के लिए निवेदन किया और नरवाई जलाने से होने वाले गंभीर नुकसान चौपाल के दौरान बताए I आग लगने से मिट्टी में मौजूद मित्र कीट और सूक्ष्म जीव  मर जाते हैं, जिससे भूमि बंजर होने लगती है। मेड़ों पर लगी बहुमूल्य औषधियाँ और पेड़-पौधे जलकर राख हो जाते हैं। खेत में रहने वाले छोटे जीवों के अंडे और पशुओं का चारा नष्ट हो जाता है l बड़े पैमाने पर आग लगने से स्थानीय तापमान में वृद्धि होती है और असहनीय गर्मी का सामना करना पड़ता है एक खेत की आग अकसर अनियंत्रित होकर पूरे क्षेत्र में फैल जाती है, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान होने का भी खतरा रहता है।

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