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राज्य कृषि समाचार (State News)

टसर रेशम उत्पादन संबंधी पांच दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

24 दिसंबर 2025, बालाघाट: टसर रेशम उत्पादन संबंधी पांच दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न – किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय रेशम बोर्ड की बालाघाट इकाई (बुनियादी बीज प्रगुणन एवं प्रशिक्षण केंद्र) द्वारा  पाँच दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित  किया गया। इस प्रशिक्षण के माध्यम से जिले के किसानों को टसर रेशम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया गया।

प्रशिक्षण के दौरान केंद्र प्रमुख एवं वैज्ञानिक डॉ. बावस्कर दत्ता मदन ने टसर रेशम की खेती, बीजोत्पादन, कीटों में होने वाली बीमारियों तथा उनके नियंत्रण के वैज्ञानिक उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रेशम उद्योग कम निवेश में अतिरिक्त आय का सशक्त माध्यम है। साथ ही वर्मी कम्पोस्ट के माध्यम से कम लागत में जैविक खाद निर्माण की विधियों पर भी प्रशिक्षण दिया गया।  जिला रेशम कार्यालय के प्रक्षेत्र अधिकारी श्री विजय नंदनवार ने शहतूत (मल्बेरी) रेशम उत्पादन, उससे होने वाले आर्थिक लाभ तथा शासन द्वारा रेशम पालकों को दी जाने वाली विभिन्न योजनाओं एवं अनुदानों की जानकारी दी। वरिष्ठ रेशम निरीक्षक श्री यशवंत गुर्जर, कनिष्ठ निरीक्षक श्री के.एल. घोरमारे एवं श्री सुखचंद चौधरी ने कीट पालन के दौरान होने वाली बीमारियों एवं उनसे बचाव के तरीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।

 कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एस.आर. धुवारे ने स्थानीय संसाधनों एवं प्राकृतिक खेती के महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि कृषि महाविद्यालय मुरझड़ के डॉ.शैलेश भलावे ने वन संपदा और रोजगार के आपसी संबंधों की जानकारी दी। हथकरघा विभाग के अधिकारियों श्री विनायक टी. मार्को एवं श्री एस.के. आजाद ने हस्तशिल्प और हथकरघा के माध्यम से रोजगार के अवसरों पर चर्चा की। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एस.आर. धुवारे ने स्थानीय संसाधनों एवं प्राकृतिक खेती के महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि कृषि महाविद्यालय मुरझड़ के डॉ. शैलेश भलावे ने वन संपदा और रोजगार के आपसी संबंधों की जानकारी दी।

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