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राज्य कृषि समाचार (State News)

अतिवृष्टि से प्रदेश को 9 हजार 500 करोड़ की हानि

भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण प्रारंभिक आकलन के अनुसार लगभग 9 हजार 500 करोड़ की हानि हुई है। प्रदेश में फसलें, मकान, पशु हानि के साथ-साथ सडक़ों तथा अधोसंरचना को हुई क्षति के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हुईं। प्रदेश में 15 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें और 17 लाख कृषक कीट-व्याधि से प्रभावित हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में बीते पखवाड़े अतिवर्षा से हुई हानि की विस्तृत जानकारी केन्द्र सरकार को दी गई है। सर्वे कार्य निरंतर जारी है और अधिक नुकसान की स्थिति भी सामने आ सकती है। राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों को अधिकाधिक सहायता दी है। आगे भी राहत पहुँचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। केन्द्रीय अध्ययन दल के प्रभावित जिलों में भ्रमण के पश्चात राहत कार्यों को पूरी तरह से पूर्णता तक पहुंचाने में सहयोग मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का अवलोकन और अध्ययन करने आए केन्द्रीय अध्ययन दल के सदस्यों से चर्चा कर रहे थे।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री के.के. सिंह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री मनीष रस्तोगी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। अध्ययन दल के समक्ष विस्तृत प्रजेंटेशन के माध्यम से भी प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति को सामने रखा जा चुका है।

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कीट-व्याधि से नुकसान के आकलन के लिए अलग से केन्द्रीय दल भेजने का अनुरोध

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि फसल बीमा और राहत राशि से नुकसान की भरपाई की जा रही है, परन्तु कीट-व्याधि से हुए नुकसान की पूर्ति के लिए केन्द्र से सहयोग चाहिए । बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यत: सोयाबीन, मक्का तथा चने की फसल कीट व्याधि से प्रभावित हुई है।

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35 जिले प्रभावित

प्रदेश के 12 जिले गंभीर रूप से और 23 जिले आंशिक रूप से प्रभावित हुए। कुल 8 हजार 442 गांवों में नुकसान हुआ।

फसलों और मकानों को नुकसान

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि अतिवर्षा और बाढ़ से 24 जिलों में लगभग 11 लाख 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों का नुकसान हुआ है। करीब 11 लाख 34 हजार किसान प्रभावित हुए हैं। लगभग 60 हजार मकान बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए। सरकार ने फौरी राहत के लिए पूरे प्रयास किए हैं। अभी भी लोगों को राहत की आवश्यकता है।

अतिवृष्टि से प्रभावित

• 11 लाख 30 हजार हेक्टेयर फसलें
• 11 लाख 34 हजार किसान
• 12 जिले गंभीर रूप से
• 23 जिले आंशिक रूप से
• 8,442 गांवों को नुकसान

कीट- व्याधि से प्रभावित

• 15 लाख हेक्टेयर में फसलें
• 17 लाख किसान

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