45 साल के भरोसे को मिला नया स्वरूप, सांची की नई ब्रांड पहचान लॉन्च
स्वाद और सेहत के संग सांची का संगम
26 अगस्त 2026, इंदौर: 45 साल के भरोसे को मिला नया स्वरूप, सांची की नई ब्रांड पहचान लॉन्च – सहकारी डेयरी ब्रांड सांची ने 45 वर्षों की विरासत को आधुनिक स्वरूप देते हुए इंदौर में अपनी नई ब्रांड पहचान और री-डिजाइन पैकेजिंग लॉन्च की। कृषि महाविद्यालय में आयोजित समारोह में संयुक्त आयुक्त पुरुषोत्तम पाटीदार मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम में एमपीसीडीएफ के पूर्व प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवानी, इंदौर दुग्ध संघ के सीईओ विशाल मिश्रा, एनडीडीबी के ग्रुप हेड (मार्केटिंग) स्वप्न सिन्हा सहित अधिकारी, वितरक एवं रिटेलर्स मौजूद रहे।
नई पैकेजिंग में आधुनिक डिजाइन के साथ मध्यप्रदेश की गोंड कला और ग्रामीण जीवन को दर्शाया गया है। इसमें गाय, दूध, ग्रामीण परिवेश और महिला दुग्ध उत्पादकों को प्रमुखता दी गई है। नई पहचान का उद्देश्य सांची के पुराने भरोसे को बरकरार रखते हुए ब्रांड को नई पीढ़ी के उपभोक्ताओं से जोड़ना है।
इंदौर दुग्ध संघ से 1,687 दुग्ध सहकारी समितियां और करीब 59,197 किसान जुड़े हैं। संघ प्रतिदिन लगभग 3 लाख लीटर दूध का संग्रह करता है। अप्रैल 2025 से अब तक 323 नई समितियां स्थापित और 109 समितियां पुनर्जीवित की गई हैं।
संघ के अनुसार स्वतंत्रता दिवस पर 8,316 किलो सांची पेड़ा की बिक्री हुई, जबकि विभिन्न संस्थानों में झंडा वंदन के लिए पेड़े के 1.21 लाख पैकेट उपलब्ध कराए गए। फ्लश सीजन में संघ ने 40 मीट्रिक टन उच्च गुणवत्ता वाला दुग्ध चूर्ण भी तैयार किया।
दूध संग्रह प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए एएमसीएस मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा रहा है। वहीं इंदौर संयंत्र में 1-2 मीट्रिक टन क्षमता का नया कोल्ड स्टोरेज स्थापित किया गया है।
नई ब्रांड पहचान के तहत दूध के साथ दही, पनीर, छाछ, मठ्ठा सहित अन्य दुग्ध उत्पादों को भी एकरूप आधुनिक पैकेजिंग दी गई है। संघ का लक्ष्य किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ सांची की बाजार पहुंच और बिक्री को बढ़ाना है।
‘स्वाद, सेहत, सांची’ के संदेश के साथ नई पहचान 45 साल पुरानी विरासत को आधुनिक उपभोक्ता अनुभव से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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