बैतूल जिले के 37 गांव दुग्ध उत्पादन ग्राम के रूप में होंगे विकसित
02 मार्च 2026, बैतूल: बैतूल जिले के 37 गांव दुग्ध उत्पादन ग्राम के रूप में होंगे विकसित – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को दोगुना करने के लक्ष्य के मद्देनजर पशुपालन विभाग द्वारा संचालित ‘ क्षीर धारा ग्राम ‘योजना का बैतूल जिले के 37 ग्रामों में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य उन्नत पशुपालन को बढ़ावा देकर चयनित ग्रामों को आदर्श दुग्ध उत्पादन ग्राम के रूप में विकसित करना है। योजना के अंतर्गत नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य एवं संतुलित पोषण पर विशेष ध्यान देते हुए दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ उन्नत पशुपालन पद्धतियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ग्रामों में शत-प्रतिशत पशुओं की टैगिंग कर उनकी पहचान, स्वास्थ्य स्थिति, प्रजनन, टीकाकरण एवं पशु बीमा से संबंधित जानकारी का व्यवस्थित अभिलेखीकरण किया जा रहा है।
उन्नत नस्ल सुधार एवं पशुपालकों को सहायता – ग्रामों में अवर्णित नस्ल के सांडों का समयबद्ध बधियाकरण किया जा रहा है। उच्च गुणवत्ता वाले सांडों के वीर्य से कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से नस्ल सुधार एवं नस्ल संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। विभागीय योजनाओं के तहत पात्र पशुपालकों को उन्नत नस्ल के पशु भी उपलब्ध कराए जाएंगे। पशुपालकों को रबी, खरीफ एवं ग्रीष्म ऋतु के अनुरूप चारा फसलों की जानकारी देकर हरा चारा उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही संतुलित पशु आहार, हे/साइलेज निर्माण, मिनरल मिक्सचर एवं विटामिन के संतुलित उपयोग संबंधी प्रशिक्षण व मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है।
पशु स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान– उप संचालक पशुपालन डॉ. सुरजीत सिंह ने बताया कि पशु स्वास्थ्य प्रबंधन के तहत चयनित ग्रामों में शत-प्रतिशत पशुओं का रोग निवारक टीकाकरण किया जाएगा। समयबद्ध कृमिनाशक दवाओं का उपयोग तथा रोग ग्रसित पशुओं के उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।इसके अतिरिक्त गोबर एवं गोमूत्र के समुचित उपयोग एवं मूल्य संवर्धन के लिए जागरूकता शिविर, संगोष्ठियां तथा बांझपन निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। निराश्रित पशुओं को गौशालाओं में स्थानांतरित करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
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