राज्य कृषि समाचार (State News)

कटनी जिले में 3 हजार 206 सीमांकन प्रकरण निराकृत

Share

15 जून 2024, कटनी: कटनी जिले में 3 हजार 206 सीमांकन प्रकरण निराकृत – कलेक्टर श्री अवि प्रसाद के निर्देश पर कृषकों एवं नागरिकों की सुविधा को दृष्टिगत रखकर लंबित सीमांकन प्रकरणों के निराकरण हेतु जिले में चलाये जा रहे विशेष अभियान में मिशन मोड पर कार्य किया जा रहा है।  अभियान के तहत मैदानी राजस्व अमला और राजस्व अधिकारियों के सद्प्रयासों की वजह से अभियान के दौरान अब तक 3 हजार 206 लंबित सीमांकन प्रकरण निपटाये जा चुके है। जिले भर में सीमांकन प्रकरणों के निराकरण का कार्य अनवरत रूप से जारी है।

कलेक्टर श्री प्रसाद द्वारा राजस्व अधिकारियों को आर.सी.एम.एस. पोर्टल पर लोकसेवा गारंटी अधिनियम के तहत दर्ज लंबित सीमांकन प्रकरणों को समय-सीमा में संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए गए  थे। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा था कि वर्तमान में खेतों से फसल की कटाई हो जाने से खेत खाली है। जिससे सुविधाजनक ढंग से सीमांकन कार्य किया जा सकता है। कलेक्टर के निर्देश के बाद जिले में सीमांकन प्रकरणों के निराकरण की दिशा में हुई कारगर पहल की वजह से इसके निराकरण में गति परिलक्षित हुई है।  कलेक्टर श्री प्रसाद और अपर कलेक्टर श्रीमती साधना परस्ते द्वारा सीमांकन प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। सीमांकन प्रकरणों के निपटारे में आई तेजी की वजह से बड़ी संख्या में  किसानों से सीमांकन के आवेदन प्राप्त हो रहे हैं । जिले में संचालित विशेष अभियान के तहत निराकृत सीमांकन प्रकरणों के प्रति किसानों का भरोसा बढ़ा है। निराकृत प्रकरणों का आर.सी.एम.एस. पोर्टल में दर्ज मामलों पर किसान भी खुश है।

सीमांकन प्रकरणों के निराकरण में तहसीलों  की स्थिति –  ढीमर खेड़ा तहसील 502 सीमांकन प्रकरणों का निराकरण कर अव्वल स्थान पर है। जबकि विजयराघवगढ 384 सीमांकन  प्रकरणों का निपटान कर  द्वितीय स्थान पर है। इसी प्रकार तहसील कटनी नगर द्वारा अब तक 379 सीमांकन प्रकरणों का निपटारा कर तीसरे स्थान पर है। इसी तरह तहसील रीठी 361 सीमांकन प्रकरण निराकरण के साथ चौथे ,तहसील बरही 357 पांचवे , स्लीनाबाद तहसील 349 छठे ,बहोरीबंद तहसील 312  के साथ सातवें, बड़वारा तहसील 310  के साथ आठवें  और कटनी तहसील 252 सीमांकन प्रकरणों के निपटारे के साथ अंतिम नौवें पायदान पर है।

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

Share
Advertisements