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राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्य प्रदेश में 126 नई सिंचाई परियोजनाएँ शुरू

10 जनवरी 2023, भोपाल: मध्य प्रदेश में 126 नई सिंचाई परियोजनाएँ शुरू – मध्‍यप्रदेश में जल-संसाधन विभाग ने बीते वर्षों में सिंचाई के क्षेत्र में अनेक उपलब्धियाँ हासिल की है, जिससे प्रदेश की गिनती अब देश के  तेजी से विकसित होने वाले राज्‍यों में की जाने लगी है। कोरोना काल से उबरने के बाद मध्‍यप्रदेश ने हर क्षेत्र में विकास किया है। इसमें सिंचाई भी शामिल है। जल-संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि सिंचाई क्षमता में बीते दो साल में 3 लाख 48 हजार हेक्टेयर क्षेत्र की वृद्धि हुई है। 

विभाग द्वारा वर्तमान में 37 लाख 7 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित की जा चुकी है। तवा परियोजना के कमाण्ड में जायद फसल के लिए किसानों को 89 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिल रही है। प्रदेश में दो साल में 126 नयी सिंचाई परियोजनाएँ शुरू की गई हैं। वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में 840.3 करोड़ रूपये के राजस्व की वसूली की गई है। वहीं 2022-23 में सितम्बर तक 266.11 करोड़ रूपये राजस्व की वसूली की जा चुकी है। जल-संसाधन विभाग ने वर्ष 2020-21 में एक लाख 15 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित करने के लक्ष्य के विरूद्ध एक लाख 16 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित की। वहीं 2021-22 के लक्ष्य एक लाख 70 हजार हेक्टेयर के विरूद्ध एक लाख 71 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में नवीन सिंचाई क्षमता विकसित की गई। कुल सिंचाई क्षमता बढ़ा कर 40 लाख हेक्टेयर करने के लक्ष्य को 31 दिसम्बर 2023 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। 

प्रदेश में 126 नवीन सिंचाई परियोजनाएँ शुरू

विभाग द्वारा मध्‍यप्रदेश में बीते दो वर्ष में कुल 126 नयी वृहद, मध्यम और लघु सिंचाई परियोजनाएँ शुरू की गईं। इनमें चार वृहद्, 10 मध्यम और 112 लघु परियोजनाएँ शामिल हैं। इन सभी 126 सिंचाई परियोजनाओं की लागत 6 हजार 700 करोड़ रूपए है। इन नयी सिंचाई परियोजनाओं से 3 लाख 34 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित होगी।

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केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना से 41 लाख आबादी को मिलेगा पेयजल

मध्‍यप्रदेश में बहु प्रतीक्षित केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना का कार्य जल्‍द शुरू किया जाएगा। रूपए 44 हजार 605 करोड़ लागत की इस राष्ट्रीय परियोजना से प्रदेश के सूखाग्रस्त बुन्देलखण्ड क्षेत्र के 8 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही लगभग 41 लाख आबादी को पेयजल की सुगम आपूर्ति होगी। परियोजना से 103 मेगावॉट बिजली का उत्पादन होगा, जिसका पूर्ण उपयोग मध्यप्रदेश करेगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना से राज्‍य के 10 जिलों की 28 तहसील के 2040 ग्राम लाभांवित होंगे।

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बुन्देलखंड के लिए अटल भू–जल योजना

प्रदेश के बुन्देलखंड क्षेत्र में भू-जल स्तर को बढ़ाने,  पेयजल संकट को दूर करने और सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘‘अटल भू-जल योजना’’ प्रारंभ की गई है। करीब 314 करोड़ 54 लाख रूपए लागत की इस परियोजना में प्रदेश के 6 जिलों के 9 विकासखण्ड के 678 ग्राम में जन-भागीदारी से जल-संवर्धन एवं भू-जल स्तर में सुधार के कार्य किए जा रहे हैं।

श्रीमंत माधवराव सिंधिया वृहद् सिंचाई परियोजना

प्रदेश के ग्वालियर और चंबल अंचल में सिंचाई एवं पेयजल आपूर्ति के लिए 6,601 करोड़ की श्रीमंत माधवराव सिंधिया नवीन बहुउद्देश्यीय सिंचाई परियोजना प्रारंभ की जा रही है। परियोजना से प्रदेश के गुना, शिवपुरी और श्योपुर जिले में 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और 6 जलाशय का निर्माण होगा। साथ ही सिंचाई, पेयजल, मछली पालन, पर्यटन एवं रोजगार के अवसर में वृद्धि होगी। क्षेत्र का भू-जल स्तर भी बढ़ेगा।

माइक्रो इरीगेशन

सूक्ष्म सिंचाई पद्धति पर आधारित योजनाओं का निर्माण करने वाला मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य है। विभाग की वर्तमान में निर्माणाधीन 55 वृहद् एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं में आधुनिक दबाव युक्त पाइप आधारित सूक्ष्म सिंचाई पद्धति का उपयोग किया जा रहा है ।

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