बिहार में पक्का वर्मी कंपोस्ट यूनिट पर ₹5,000 अनुदान, आवेदन की आखिरी तारीख 30 सितंबर
22 सितंबर 2026, नई दिल्ली: बिहार में पक्का वर्मी कंपोस्ट यूनिट पर ₹5,000 अनुदान, आवेदन की आखिरी तारीख 30 सितंबर – पशुपालन के साथ खेती करने वाले बिहार के किसानों के लिए जैविक खाद बनाने का एक बड़ा मौका है। राज्य जैविक मिशन के तहत कृषि निदेशालय, बिहार ने पक्का वर्मी कंपोस्ट (केंचुआ खाद) यूनिट लगाने पर सब्सिडी देने की योजना चला रखी है, जिसमें आवेदन की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026, शाम 5 बजे तय की गई है।
यह योजना कृषि निदेशालय, बिहार के पत्रांक BRJM (38 जिला)-14/2026-562, दिनांक 13 अगस्त 2026 के तहत राज्य के सभी 38 जिलों में लागू है।
कितना अनुदान, किसे मिलेगा लाभ
योजना के तहत किसानों को यूनिट की कुल लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम ₹5,000 प्रति यूनिट, जो भी कम हो, अनुदान के रूप में मिलेगा। एक किसान अधिकतम तीन यूनिट तक इसका लाभ ले सकता है।
पक्की वर्मी कंपोस्ट यूनिट के लिए तय मानक के मुताबिक गड्ढे का आकार 10 फुट लंबा, 3 फुट चौड़ा और 2.5 फुट गहरा यानी करीब 75 घन फीट क्षमता का होना चाहिए। दीवारें कम से कम 5 इंच मोटी होनी चाहिए और ऊपर बारिश से बचाव के लिए पक्की छत जरूरी है, प्लास्टिक शीट से ढकना मान्य नहीं है।
योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास पशुपालन (गाय, भैंस या बैल) होना अनिवार्य शर्त है, यानी सिर्फ खेती करने वाले किसान इसके पात्र नहीं होंगे। साथ ही यह लाभ केवल व्यक्तिगत किसानों को मिलेगा, किसान समूहों या संस्थाओं को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
पशुओं के गोबर का इस्तेमाल पक्की वर्मी कंपोस्ट यूनिट में करने से किसान न सिर्फ अपने खेत के लिए सस्ती जैविक खाद तैयार कर पाते हैं, बल्कि गोबर के सही निस्तारण से आसपास की साफ-सफाई भी बेहतर रहती है। यही वजह है कि सरकार ने पशुपालन को इस योजना की अनिवार्य शर्त बनाया है, ताकि पशुपालन और जैविक खेती दोनों को एक साथ बढ़ावा मिल सके। इससे किसानों की रासायनिक खाद पर निर्भरता भी धीरे-धीरे कम होती है, जो लंबे समय में खेती की लागत घटाने में मदद करता है।
आवेदन कैसे करें
इच्छुक किसानों को onlinedbtagriservice.bihar.
गया जिले में कृषि विभाग ने अकेले इसी जिले में 2,000 यूनिट लगाने का लक्ष्य रखा है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि राज्यभर में यह योजना कितने बड़े पैमाने पर चलाई जा रही है।
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