राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

1 जुलाई से ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना पूरे देश में होगी लागू: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 

30 जून 2026, नई दिल्ली: 1 जुलाई से ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना पूरे देश में होगी लागू: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान – नई दिल्ली के पूसा परिसर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन ‘ग्रामोदय से राष्ट्रोदय’ के दूसरे दिन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ गांवों के समग्र विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की। सम्मेलन में ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा के साथ ‘विकसित ग्राम–विकसित भारत’ के विजन को धरातल पर उतारने की रणनीति पर मंथन किया गया। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि 1 जुलाई से पूरे देश में ‘विकसित भारत-जी राम जी’ योजना लागू की जाएगी, जिसके लिए 95,682 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।

गांव भारत की आत्मा, विकास की सबसे मजबूत नींव

सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गांव केवल धूल-मिट्टी और चौपाल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे भारत की शक्ति, चेतना और आत्मा हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब गांव आत्मनिर्भर, समृद्ध और बुनियादी सुविधाओं से संपन्न बनेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण विकास ही राष्ट्रीय विकास की सबसे मजबूत आधारशिला है।

1 जुलाई से लागू होगी नई योजना

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि 1 जुलाई से ‘विकसित भारत-जी राम जी’ योजना पूरे देश में लागू होगी, जो मनरेगा की जगह लेगी। उन्होंने कहा कि योजना के लिए 95,682 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। राज्यों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी की जाएं, ताकि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिले।

पहली बार एक मंच पर जुटे 29 राज्यों के मंत्री

सम्मेलन में पहली बार देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और नीति-निर्माता एक मंच पर एकत्र हुए। कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित विभिन्न राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन को सहकारी संघवाद का मजबूत उदाहरण बताया गया, जहां राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर विकास को प्राथमिकता दी गई।

विकसित गांव से बनेगा विकसित भारत

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है, जब गांवों में रोजगार, बुनियादी सुविधाएं और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास केवल योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का आधार है।

लखपति दीदी मिशन को मिलेगी नई गति

सम्मेलन के दौरान ‘लखपति दीदी डैशबोर्ड’ लॉन्च किया गया। साथ ही स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए ‘SHE LEAPS’ डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ भी किया गया। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रखा है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए अगले पांच वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये के बैंक लिंकिंग रोडमैप पर कार्य किया जाएगा।

योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण विकास योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए राज्यों को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि राज्यों को समय पर अपना वित्तीय अंश जारी करना होगा। ग्रामीण विकास विभागों में रिक्त पदों को शीघ्र भरना जरूरी है। अधिकारियों के बार-बार स्थानांतरण से योजनाओं के क्रियान्वयन पर असर पड़ता है, इसलिए जिम्मेदार पदों पर अधिकारियों को कम से कम दो से तीन वर्ष तक एक ही स्थान पर कार्य करने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार, जनजागरूकता, सोशल ऑडिट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली को मजबूत करने पर भी विशेष बल दिया।

आवास, सड़क और कौशल विकास योजनाओं की समीक्षा

सम्मेलन में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना की प्रगति की समीक्षा भी की गई। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कई राज्यों ने इन योजनाओं के क्रियान्वयन में सराहनीय कार्य किया है, जबकि कुछ राज्यों को और सुधार करने की आवश्यकता है। उन्होंने भूमिहीन पात्र हितग्राहियों को भूमि उपलब्ध कराने और लंबित आवासों का जल्द समाधान करने पर विशेष जोर दिया।

राज्यों की सफल पहलें होंगी साझा

उन्होंने झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों की सफल पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि मल्टी-चैनल मार्केटिंग, सामुदायिक उद्यम और हाउसहोल्ड आजीविका ऋण जैसी सफल व्यवस्थाओं को अन्य राज्यों के साथ साझा किया जाएगा, ताकि बेहतर मॉडल पूरे देश में लागू किए जा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी योजना या प्रक्रिया में व्यावहारिक कठिनाई है तो ग्रामीण विकास मंत्रालय, कैबिनेट और वित्त मंत्रालय के साथ मिलकर आवश्यक संशोधन करने पर विचार करेगा।

कम बारिश की आशंका को लेकर अलर्ट

शिवराज सिंह चौहान ने संभावित कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए 14 राज्यों के लिए सतर्कता बरतने की बात कही। उन्होंने जल संरक्षण संरचनाओं को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त रोजगार उपलब्ध कराने की तैयारी रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।

युवाओं और नवाचार पर रहेगा विशेष फोकस

उन्होंने कहा कि यह समय प्रतिस्पर्धा का नहीं, बल्कि सहभागिता का है। केंद्र सरकार नीति बनाए, राज्य उसका प्रभावी क्रियान्वयन करें, पंचायतें नेतृत्व करें और जनता सक्रिय भागीदारी निभाए, तभी ग्रामीण भारत की तस्वीर और तकदीर बदलेगी। सम्मेलन के दौरान VB-GRAM-G से संबंधित लोगो डिजाइन, क्विज और डिजिटल कंटेंट प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। साथ ही ग्रामीण विकास से जुड़ी पुस्तकों का विमोचन भी किया गया, जो ग्रामीण भारत के विकास के नए विचारों और मॉडलों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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