राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

आज के कृषि समाचार@ 5.00 PM: नकली खाद I जामुन I सेब क्रांति I तिल की खेती I सोयाबीन बोवनी का सही समय

21 जून 2025, नई दिल्ली: नमस्कार, आइए जानते हैं आज शाम 5 बजे तक कृषक जगत की 10 बड़ी खबरें….

1. नकली खाद के कारोबार पर नकेल !

हाल ही में राजस्थान के अजमेर जिला के किशनगढ़ क्षेत्र में खाद बनाने वाले देश के सबसे बड़े संस्थान इफको के साथ अनेक कम्पनियों के नाम से नकली रासायनिक खाद बनाने और बेचने का मामला प्रकाश में आया था। मार्बल स्लरी और मिट्टी से डीएपी, एसएपी, और पोटाश जैसे नकली उर्वरक बनाए जा रहे थे। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में उर्वरक बनाने का सामान भी जब्त किया गया। पूरी खबर पढ़े….

2. कश्मीर की सेब क्रांति: युवा किसान सोशल मीडिया के ज़रिए बिचौलियों को दे रहे चुनौती

कश्मीर की हरी-भरी घाटियों में एक चुपचाप बदलाव हो रहा है। यहां की नई पीढ़ी के सेब किसान सोशल मीडिया का सहारा लेकर पारंपरिक बाजार व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। अब वे बिचौलियों और कमीशन एजेंटों पर निर्भर नहीं रहना चाहते, बल्कि सीधे ग्राहकों से जुड़कर अपने फल बेच रहे हैं -और इससे उन्हें बेहतर मुनाफा भी हो रहा है। पूरी खबर पढ़े….

3. कर्नाटक से ताज़ा जामुन की पहली खेप लंदन भेजी गई

भारत ने कर्नाटक से ताज़ा जामुन की पहली खेप लंदन भेजी है, जो देश के फलों के निर्यात क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब तक भारत से केवल जमे हुए जामुन ही विदेश भेजे जाते थे, इसलिए ताज़ा फल का यह निर्यात एक नया अध्याय जोड़ता है। यह निर्यात वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन काम कर रही संस्था एपीडा (APEDA) की निगरानी में किया गया। पूरी खबर पढ़े….

4. एफपीओ उत्कृष्टता पुरस्कार 2025: अपने संगठन को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का सुनहरा मौका

यदि आपका किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है—चाहे वह मार्केट लिंकेज हो, महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना, मूल्य संवर्धन और ब्रांडिंग, या फिर तकनीक का प्रभावी उपयोग—तो एफपीओ उत्कृष्टता पुरस्कार 2025 के लिए आवेदन करने का यह उपयुक्त समय है। पूरी खबर पढ़े….

5. 1.42 लाख गांवों में पहुंचे 1.34 करोड़ किसान: विकसित कृषि संकल्प अभियान बना देशव्यापी कृषि बदलाव का आधार

 केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकसित कृषि संकल्प अभियान को देश में किसानों से सीधा संवाद स्थापित करने वाला ऐतिहासिक अभियान बताया। उन्होंने कहा कि यह कोई एकबार की कवायद नहीं, बल्कि भारतीय कृषि को आधुनिक बनाने और किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में शुरू हुआ एक सतत आंदोलन है। पूरी खबर पढ़े….

6. मापसा मार्केट में बन रहा है वैज्ञानिक फलों के पकाने का कक्ष, गणेश चतुर्थी से पहले होगा तैयार

 उत्तर गोवा में फलों को वैज्ञानिक तरीके से पकाने के लिए आधुनिक राइपनिंग चेंबर की कमी को देखते हुए, राज्य के कृषि विभाग ने मापसा मार्केट यार्ड में 60 टन क्षमता वाले राइपनिंग चेंबर के निर्माण की शुरुआत की है। यह परियोजना गणेश चतुर्थी से पहले पूरी होने की संभावना है। पूरी खबर पढ़े….

7. महाराष्ट्र सरकार ने शुरू की ₹500 करोड़ की महाअग्री-एआई नीति, कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से लाएगी क्रांतिकारी बदलाव

महाराष्ट्र सरकार ने कृषि क्षेत्र में तकनीकी क्रांति लाने के उद्देश्य से देश की पहली व्यापक राज्य-स्तरीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) नीति, महाअग्री-एआई नीति 2025–2029 की घोषणा की है। ₹500 करोड़ के शुरुआती बजट के साथ यह नीति कृषि उत्पादकता, टिकाऊ खेती और किसान कल्याण को बढ़ावा देने के लिए एआई और उभरती हुई तकनीकों के उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पूरी खबर पढ़े….

8. छोटे किसानों के लिए ट्रैक्टर में एयर कंडीशनर: गर्मी और धूल से राहत

भारत में छोटे किसान अक्सर कड़ी गर्मी, धूल और बारिश जैसे कठिन मौसम में लंबे समय तक ट्रैक्टर चलाते हैं। ऐसे कठोर पर्यावरणीय हालात न केवल उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्रभावित करते हैं, बल्कि उनकी उत्पादकता पर भी नकारात्मक असर डालते हैं। पूरी खबर पढ़े….

9. तिल की खेती कैसे करे, जानिए हर जरूरी बात एक लेख में

तिल (सेसमम इंडिकम एल.) भारत की सबसे पुरानी स्वदेशी तिलहन फसल है, जिसका खेती का इतिहास बहुत लंबा है। इसे भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है, जैसे तिल (हिंदी, पंजाबी, असमिया, बंगाली, मराठी), ताल (गुजराती), नुव्वुलु या मांची नुव्वुलु (तेलुगु), इल्लू (तमिल, मलयालम, कन्नड़), तिल/पितृतर्पण (संस्कृत) और रासी (उड़िया)। पूरी खबर पढ़े….

10. 20 जून से 5 जुलाई: यही है सोयाबीन बोवनी का सही समय, जानिए पूरी प्रक्रिया

सोयाबीन भारत की एक प्रमुख तिलहनी फसल है, जो न केवल किसानों की आय का महत्वपूर्ण स्रोत है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाने में भी सहायक है। मध्य प्रदेश, विशेष रूप से मालवा क्षेत्र, सोयाबीन उत्पादन का प्रमुख केंद्र है। पूरी खबर पढ़े….

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