भारत-अमेरिका ट्रेड डील ऐतिहासिक, किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित: शिवराज सिंह चौहान
09 फरवरी 2026, नई दिल्ली: भारत-अमेरिका ट्रेड डील ऐतिहासिक, किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित: शिवराज सिंह चौहान – केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत और अमेरिका के बीच हुई हालिया ट्रेड डील को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बताते हुए कहा है कि यह समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था को नई गति और नई ऊँचाइयाँ देगा। भोपाल स्थित अपने निवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि यह ट्रेड डील केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और आत्मविश्वास का प्रतीक है।
श्री चौहान ने कहा कि यह समझौता पूरी दुनिया को स्पष्ट संदेश देता है कि भारत की नीति कॉम्प्रोमाइज की नहीं, बल्कि कमिटमेंट की है। भारत आत्मविश्वास के साथ देश के हितों में निर्णय लेता है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर संतुलित, सकारात्मक और जिम्मेदार रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। यही कारण है कि आज भारत वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद और मजबूत साझेदार के रूप में उभर रहा है।
डिप्लोमेसी, डेवलपमेंट और डिग्निटी का उदाहरण
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील डिप्लोमेसी, डेवलपमेंट और डिग्निटी का उत्तम उदाहरण है। डिप्लोमेसी का अर्थ राष्ट्र प्रथम से है और इस समझौते में भारत के राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखा गया है। डेवलपमेंट यानी विकसित भारत की दिशा में यह डील एक मजबूत आधार प्रदान करती है, वहीं डिग्निटी का मतलब किसान की गरिमा है, जिसका इस समझौते में विशेष ध्यान रखा गया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि और किसानों को लेकर जो भी आशंकाएं थीं, उनका समाधान इस ट्रेड डील में किया गया है। यह समझौता किसानों को पूरी तरह से सुरक्षित रखता है और उनके हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया गया है।
अमेरिका में भारतीय कृषि उत्पादों पर शून्य शुल्क
श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस ट्रेड डील के तहत भारतीय किसानों के कई कृषि उत्पादों को अमेरिका में शून्य शुल्क पर निर्यात किया जाएगा। वहीं अमेरिकी किसानों के कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में ऐसी कोई छूट नहीं दी गई है। इससे यह स्पष्ट है कि भारत के कृषि और डेयरी सेक्टर के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने कई भारतीय कृषि उत्पादों पर टैरिफ में बड़ी कटौती की है। जिन उत्पादों पर पहले 50 प्रतिशत तक शुल्क लगता था, उन्हें अब शून्य कर दिया गया है। इनमें मसाले, चाय, कॉफी, नारियल, नारियल तेल, सुपारी, काजू, वनस्पति वैक्स, एवोकाडो, केला, अमरूद, आम, कीवी, पपीता, अनानास, मशरूम और कुछ अनाज शामिल हैं।
कृषि निर्यात को मिलेगा नया बाजार
केन्द्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024-25 में भारत का कृषि निर्यात 4.45 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है। मसाला निर्यात में 88 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इस ट्रेड डील के बाद भारतीय मसालों को अमेरिका में और बड़ा बाजार मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारत पहले से ही मसालों के वैश्विक बाजार में मजबूत स्थिति रखता है और करीब 200 देशों में मसालों का निर्यात करता है।
संवेदनशील उत्पाद पूरी तरह सुरक्षित
चौहान ने स्पष्ट किया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में कोई भी ऐसा कृषि उत्पाद शामिल नहीं है, जिससे भारतीय किसानों को नुकसान पहुंचे। सभी संवेदनशील वस्तुओं को समझौते से बाहर रखा गया है। सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, पोल्ट्री, डेयरी, दालें, तिलहन, इथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पादों पर किसी तरह की टैरिफ छूट नहीं दी गई है।
उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं हुआ है। अगर विदेशी कृषि उत्पाद भारत में आते हैं, तो उन्हें टैरिफ देना होगा। डेयरी उत्पादों को भी भारतीय बाजार में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है।
किसान, महिलाएं और युवाओं को नए अवसर
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इस समझौते से भारतीय किसान, महिलाएं और विशेष रूप से युवा वर्ग को आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे। टेक्सटाइल सेक्टर में भारत का टैरिफ घटकर करीब 18 प्रतिशत रह गया है, जिससे टेक्सटाइल निर्यात को नई गति मिलेगी। इसका सीधा लाभ कपास उत्पादक किसानों को भी मिलेगा।
इसके साथ ही जेम्स एंड ज्वेलरी, ऑटो कंपोनेंट, इंजीनियरिंग गुड्स और एमएसएमई सेक्टर के लिए भी नए व्यापारिक अवसर पैदा होंगे। सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाओं को भी इस समझौते से लाभ मिलेगा और उनके उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलेगी।
2047 के विकसित भारत की ओर कदम
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब तक नौ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए जा चुके हैं। अमेरिका के अलावा यूएई, ओमान, न्यूजीलैंड, यूके सहित कई देशों के साथ समझौते हुए हैं और अन्य देशों से बातचीत जारी है। इन सभी समझौतों से भारतीय अर्थव्यवस्था, किसान, मजदूर, गरीब, निर्यातक और निर्माता सभी को लाभ होगा।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में यह ट्रेड डील मील का पत्थर साबित होगी और 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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