सहकारिता को नया स्वरूप और नई भूमिका दे रही है केंद्र सरकार: श्रीमती आनंदी, रजिस्ट्रार (सहकारिता), राजस्थान
06 फरवरी 2026, जयपुर: सहकारिता को नया स्वरूप और नई भूमिका दे रही है केंद्र सरकार: श्रीमती आनंदी, रजिस्ट्रार (सहकारिता), राजस्थान – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सहकारिता आंदोलन को नई ऊर्जा और स्पष्ट दिशा देने के उद्देश्य से सहकारिता के लिए एक अलग मंत्रालय का गठन किया गया है। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के फोकस्ड नेतृत्व में सहकारिता को अब एक नई पहचान और विस्तारित भूमिका मिल रही है। यह बात श्रीमती आनंदी, सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता, राजस्थान ने जयपुर में कृषक भारती को-ऑपरेटिव लिमिटेड (कृभको) द्वारा आयोजित व्यापार योजना समीक्षा एवं योजना बैठक 2026–27 को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि पहले सहकारिता कृषि मंत्रालय का हिस्सा थी, लेकिन अब स्वतंत्र मंत्रालय बनने से इसका उद्देश्य और कार्यक्षेत्र स्पष्ट हुआ है। राजस्थान में सहकारिता के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और कृषि व उद्योग—दोनों क्षेत्रों में इसके माध्यम से प्रभावी कार्य किए जा सकते हैं। उन्होंने कृभको द्वारा राज्य के किसानों के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
श्रीमती आनंदी ने कहा कि पहले ध्यान केवल बीज और उर्वरक जैसे कृषि इनपुट उपलब्ध कराने तक सीमित था, लेकिन अब सरकार की प्राथमिकता किसानों की सीधी आय बढ़ाने पर है। सभी योजनाएं इसी लक्ष्य को केंद्र में रखकर बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस दिशा में कृभको पूरी तरह सक्षम है और उससे जो अपेक्षाएं थीं, वे पूरी हो रही हैं। यह बैठक कृभको के साथ-साथ राजस्थान राज्य के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कृभको के निदेशक (वित्त एवं विपणन) मनीष कुमार ने कहा कि कृभको किसानों की समृद्धि को केंद्र में रखकर कार्य कर रहा है, विशेषकर राजस्थान जैसे कृषि-प्रधान राज्यों में। उन्नत उर्वरकों की समय पर उपलब्धता, सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने और किसान-हितैषी पहलों के माध्यम से खेती को अधिक टिकाऊ, लाभकारी और आधुनिक बनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राजस्थान में सहकारी नेटवर्क को मजबूत करने, गुणवत्तापूर्ण कृषि इनपुट उपलब्ध कराने और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने का कार्य प्रभावी ढंग से किया जा रहा है। इससे उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ किसानों की आय में भी सुधार हो रहा है। कृभको “सहकार से समृद्धि” के मंत्र के साथ ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को साकार करने में कृषि क्षेत्र की भूमिका को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कृभको के उप महाप्रबंधक (विपणन, उत्तर) गजेंद्र कुमार ने कहा कि राजस्थान जैसे बड़े और विविध कृषि-परिस्थितियों वाले राज्य में कृभको जमीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रहा है। गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की समय पर आपूर्ति, सहकारी समितियों के साथ समन्वय, किसान जागरूकता शिविरों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को उत्पादन बढ़ाने और लागत घटाने में सहायता मिल रही है।
बैठक में राजस्थान की कृषि परिस्थितियों, उर्वरक बाजार की स्थिति और संतुलित पोषण की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। कृभको द्वारा यूरिया, डीएपी, एनपीके, जैव उर्वरक, जिंक सल्फेट, बीज एवं अन्य उत्पादों की आपूर्ति के माध्यम से राज्य की कृषि आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है।
वर्ष 2026–27 के लिए कृभको प्रबंधन ने इनपुट उपलब्धता को सुदृढ़ करने, वितरण नेटवर्क को और मजबूत करने, किसान-केंद्रित सेवाओं के विस्तार और उत्पाद मिश्रण को बेहतर बनाने की रणनीति साझा की। बैठक में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया।
इस अवसर पर कृभको के राज्य प्रबंधक (विपणन) श्री आर.एस. राठौर, संयुक्त महाप्रबंधक (विपणन) डॉ. तेजिंदर कुमार, डॉ. प्रदीप कुमार, उप महाप्रबंधक (विपणन) श्री अजय सिंह तथा संयुक्त महाप्रबंधक (विपणन एवं जनसंपर्क) डॉ. वी.के. तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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