पीएम-किसान की 24वीं किस्त सितंबर के अंत या अक्टूबर में आने की उम्मीद, ई-केवाईसी जरूर करा लें
08 सितंबर 2026, नई दिल्ली: पीएम-किसान की 24वीं किस्त सितंबर के अंत या अक्टूबर में आने की उम्मीद, ई-केवाईसी जरूर करा लें – प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त सितंबर के अंत से अक्टूबर 2026 के बीच जारी होने की उम्मीद है। सरकार ने अभी इसकी कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन योजना के तय कार्यक्रम के हिसाब से यह समय नजदीक है।
हर किस्त 2,000 रुपये की होती है और साल में तीन बार, यानी हर चार महीने में एक बार किसानों के खाते में सीधे भेजी जाती है। इस तरह पात्र किसान परिवार को साल भर में कुल 6,000 रुपये मिलते हैं।
पिछली यानी 23वीं किस्त जून 2026 में जारी हुई थी, जिसका फायदा 9.44 करोड़ से ज्यादा किसानों को मिला था। योजना शुरू होने के बाद से अब तक 23 किस्तों में किसानों को कुल 4.47 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि दी जा चुकी है।
किस्त पाने के लिए क्या करना जरूरी है
किस्त का पैसा पाने के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। जिन किसानों ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है, उनकी किस्त रुक सकती है।
ई-केवाईसी तीन तरीकों से हो सकती है, ओटीपी आधारित प्रक्रिया पीएम-किसान की वेबसाइट पर, बायोमेट्रिक तरीका नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर, या चेहरा पहचान वाला तरीका मोबाइल ऐप के जरिए। इसके अलावा आधार का बैंक खाते से जुड़ा होना और भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन भी जरूरी शर्तें हैं।
किसान अपनी किस्त का स्टेटस पीएम-किसान की वेबसाइट पर फार्मर कॉर्नर में जाकर आधार नंबर या मोबाइल नंबर डालकर खुद जांच सकते हैं। इसके अलावा पीएम-किसान मोबाइल ऐप डाउनलोड कर भी स्टेटस देखा जा सकता है, जिसमें बेनिफिशियरी स्टेटस और ई-केवाईसी स्टेटस दोनों अलग-अलग दिखते हैं। अगर किस्त नहीं आई है, तो सबसे पहले यही जांचना चाहिए कि ई-केवाईसी और बैंक खाता लिंकिंग पूरी है या नहीं।
केंद्र सरकार ने बीती जुलाई में ही इस योजना को 2026-27 से 2030-31 तक, यानी अगले पांच साल के लिए जारी रखने की मंजूरी दी थी। इसके लिए 3.15 लाख करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है, जो यह दिखाता है कि योजना आगे भी जारी रहेगी।
पीएम-किसान योजना फरवरी 2019 में शुरू हुई थी और शुरुआत से ही इसका मकसद छोटे और सीमांत किसान परिवारों को सीधी नकद सहायता देना रहा है। योजना के तहत पैसा सीधे किसान के बैंक खाते में जाता है, इसलिए बिचौलिए की कोई भूमिका नहीं रहती।
अगर तय समय बीतने के बाद भी किस्त खाते में नहीं आती है, तो किसान पीएम-किसान की वेबसाइट पर दी गई हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं या अपने नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय जाकर स्थिति की जानकारी ले सकते हैं। ज्यादातर मामलों में किस्त रुकने की वजह बैंक खाते और आधार में नाम का मेल न खाना या भूमि रिकॉर्ड का अपडेट न होना होती है।
यह खबर किसानों और कृषि-इनपुट कारोबार के लिए क्यों मायने रखती है: जिन किसानों की ई-केवाईसी अधूरी है, उन्हें तुरंत यह प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए, वरना किस्त अटक सकती है। बीज, खाद और कीटनाशक बेचने वाले स्थानीय दुकानदारों के लिए भी यह जानकारी उपयोगी है, क्योंकि किस्त आने के आसपास के दिनों में किसानों की खरीदारी बढ़ जाती है और इनपुट की मांग में उछाल आता है।
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