Ad DesktopAd TabletAd Mobile
एग्रीकल्चर मशीन (Agriculture Machinery)राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

ट्रैक्टर और हार्वेस्टर की टेस्टिंग अब होगी देसी ज़मीन पर, हिसार संस्थान को मिली मंजूरी

19 मई 2025, नई दिल्ली: ट्रैक्टर और हार्वेस्टर की टेस्टिंग अब होगी देसी ज़मीन पर, हिसार संस्थान को मिली मंजूरी – उत्तरी क्षेत्र फार्म मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान (NRFMTTI), हिसार (हरियाणा) को कृषि ट्रैक्टरों और कंबाइन हार्वेस्टरों के लिए केंद्रीय मोटर वाहन नियम (CMVR) परीक्षण की मंजूरी मिली है। इसके साथ ही संस्थान को राष्ट्रीय परीक्षण और अंशांकन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (NABL) से भी मान्यता प्राप्त हुई है।

स्थानीय निर्माताओं के लिए नई सुविधा

NRFMTTI, हिसार, जो पहले से ही कृषि मशीनरी के प्रशिक्षण और परीक्षण के क्षेत्र में कार्यरत है, अब आधिकारिक तौर पर कृषि ट्रैक्टरों और फसलों की कटाई व थ्रेसिंग से संबंधित कंबाइन हार्वेस्टरों के लिए सीएमवीआर परीक्षण की अनुमोदित एजेंसी बन गया है। इसके अतिरिक्त, एनएबीएल से प्राप्त मान्यता के तहत यह संस्थान इन मशीनों के लिए सीएमवीआर प्रमाणन भी प्रदान करेगा।

इस मंजूरी का सबसे बड़ा लाभ उत्तरी भारत के ट्रैक्टर और कंबाइन हार्वेस्टर निर्माताओं को होगा। अब उन्हें अपने उत्पादों के CMVR अनुपालन के लिए हिसार में ही परीक्षण सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे समय और लागत की बचत होगी। NABL मान्यता के कारण इन परीक्षणों की विश्वसनीयता और वैश्विक स्वीकार्यता में भी वृद्धि होगी, जिससे भारतीय निर्माताओं को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मशीनों को प्रमाणित करने में आसानी होगी।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

हालांकि, यह कदम निर्माताओं के लिए सुविधाजनक है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इस सुविधा का प्रभावी उपयोग तभी संभव होगा, जब परीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता बरती जाएगी। साथ ही, यह भी महत्वपूर्ण होगा कि इस सुविधा का लाभ छोटे और मध्यम स्तर के निर्माताओं तक भी पहुंचे, जो अक्सर संसाधनों की कमी से जूझते हैं।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com