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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

शिवराज सिंह चौहान आज हरियाणा से करेंगे ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ, 1 करोड़ किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य  

23 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली: शिवराज सिंह चौहान आज हरियाणा से करेंगे ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ, 1 करोड़ किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य – देश में टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने, मिट्टी की सेहत सुधारने और कृषि लागत कम करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार 22 अक्टूबर से राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ शुरू कर रही है। यह अभियान 30 नवंबर 2026 तक चलेगा। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान हरियाणा के करनाल जिले के तरावड़ी से इसका शुभारंभ करेंगे। 40 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के तहत देशभर में किसानों को मिट्टी के संरक्षण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

किसानों के साथ खेतों में चर्चा करेंगे शिवराज सिंह चौहान

अभियान के शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान किसानों के साथ खेतों के बीच चौपाल चर्चा करेंगे। इसके साथ ही पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देंगे। इस कार्यक्रम में हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा सहित केंद्र और राज्य के कृषि विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान का उद्देश्य किसानों को ऐसी कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिनसे मिट्टी की उर्वरता बनी रहे, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण हो और खेती की लागत कम करने में मदद मिले।

किसानों से 4 प्रमुख संकल्प लेने की अपील

अभियान की शुरुआत से पहले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से मिट्टी, पानी और कृषि संसाधनों को बचाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि धरती माता, पानी और किसानों का पसीना देश की असली ताकत हैं। खेत की मिट्टी उपजाऊ रहेगी, तभी किसान खुशहाल होगा। केंद्रीय मंत्री ने किसानों से चार प्रमुख संकल्प अपनाने का आह्वान किया है।

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  1. मिट्टी की जांच के बाद खाद का उपयोग: किसान अपनी जमीन का सॉइल टेस्ट करवाएं और जांच के नतीजों के अनुसार संतुलित मात्रा में खाद का इस्तेमाल करें।
  2. पराली जलाने से बचें: फसल अवशेषों को जलाने के बजाय मिट्टी में मिलाकर खाद बनाने को प्राथमिकता दें।
  3. फसल चक्र अपनाएं: धान और गेहूं के अलावा दलहन, तिलहन और बागवानी फसलों को भी खेती में शामिल करें।
  4. सरकारी योजनाओं का लाभ लें: प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के साथ पीएम-किसान, फसल बीमा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) का पूरा लाभ उठाएं।

इन प्रयासों के जरिए मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने और किसानों को टिकाऊ खेती की ओर बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

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12 हजार से अधिक कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी होंगे शामिल

‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत देशभर में लगभग एक करोड़ किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) और कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (ATMA) की 4,150 से अधिक संयुक्त टीमें मैदान में उतरेंगी। इन टीमों में 12 हजार से अधिक कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी शामिल होंगे। ये ग्राम पंचायत स्तर पर किसान चौपाल, प्रशिक्षण कार्यक्रम और खेतों में प्रदर्शन के माध्यम से किसानों को जागरूक करेंगे। इसका उद्देश्य किसानों तक वैज्ञानिक कृषि तकनीकों और मिट्टी संरक्षण से जुड़ी उपयोगी जानकारी पहुंचाना है।

पिछले खरीफ सीजन में 93 लाख से अधिक किसानों ने लिया था हिस्सा

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, पिछले खरीफ सीजन में 93 लाख से अधिक किसानों ने अभियान में भागीदारी की थी। इस सहभागिता ने इसे जन-आंदोलन का रूप देने में मदद की। इसी अनुभव के आधार पर इस बार भी कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों को सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। 30 नवंबर तक चलने वाले इस अभियान में मिट्टी की सेहत, संतुलित उर्वरक उपयोग, पराली प्रबंधन, फसल विविधीकरण और प्राकृतिक खेती जैसे विषयों पर विशेष जोर रहेगा। अभियान का मूल संदेश है कि मिट्टी और खेतों का संरक्षण करके ही किसानों की समृद्धि और कृषि की दीर्घकालिक उत्पादकता सुनिश्चित की जा सकती है। 

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