Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

भारत आटा और भारत चावल की रियायती बिक्री का दूसरा चरण शुरू, उपभोक्ताओं को राहत

06 नवंबर 2024, नई दिल्ली: भारत आटा और भारत चावल की रियायती बिक्री का दूसरा चरण शुरू, उपभोक्ताओं को राहत – केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने आज भारत आटा और भारत चावल की खुदरा बिक्री के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। इस पहल के अंतर्गत, 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से आटा और 34 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से चावल उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यक्रम में राज्य मंत्री श्री बीएल वर्मा की भी उपस्थिति रही, और इस अवसर पर एनसीसीएफ, नेफेड और केंद्रीय भंडार की मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाई गई।

इस दूसरे चरण में उपभोक्ताओं के लिए 3.69 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 2.91 लाख मीट्रिक टन चावल खुदरा बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। इससे पहले, पहले चरण में लगभग 15.20 लाख मीट्रिक टन आटा और 14.58 लाख मीट्रिक टन चावल रियायती दरों पर बेचा गया था। भारत आटा और भारत चावल अब केंद्रीय भंडार, नेफेड, एनसीसीएफ, बड़े रिटेल स्टोर्स और ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों पर 5 और 10 किलोग्राम के पैकेट में उपलब्ध होंगे।

धान की खरीद में भी सरकार की मजबूत पहल

केंद्रीय मंत्री ने पंजाब में धान की खरीद की अद्यतन जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार पंजाब में 184 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य लेकर चल रही है। 4 नवंबर 2024 तक, राज्य की मंडियों में 104.63 लाख मीट्रिक टन धान लाया गया, जिसमें से 98.42 लाख मीट्रिक टन की खरीद राज्य एजेंसियों और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा की जा चुकी है। यह खरीद ग्रेड ‘ए’ धान के लिए 2320 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी पर हो रही है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

अब तक इस खरीफ सीजन में केंद्र सरकार ने 20,557 करोड़ रुपये मूल्य का धान खरीदा है, जिससे 5.38 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा कराई गई है।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com