महामारी के दौरान खाद्य सुरक्षा के लिए आईसीएआर की भूमिका सराहनीय

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26  मई 2021, नई दिल्ली । महामारी के दौरान खाद्य सुरक्षा के लिए आईसीएआर की भूमिका सराहनीय – पद्म भूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने आईसीएआर के वैज्ञानिकों, किसानों और सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि इन सबके समर्पित प्रयासों ने  हमारे देश की खाद्य सुरक्षा  बनाने में मदद की है, जिससे भारत को कोरोना लॉकडाउन के दौरान भोजन उपलब्ध कराने में सहायता  मिली है।

 “प्रकृति और पर्यावरण” विषय पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा आयोजित आभासी व्याख्यान देते हुए डॉ. जोशी ने इस बात पर जोर दिया कि कृषि और वन दो मुख्य विभाग हैं जो सीधे लोगों से जुड़ा हुआ है।

जलवायु परिवर्तन का प्रभाव अब इतना खतरनाक है कि हाल ही में मई 2021 के दौरान अंटार्कटिका से बर्फ का एक बड़ा हिस्सा टूट गया, जो दुनिया का सबसे बड़ा हिमखंड है। 2000 के बाद से, दुनिया के ग्लेशियरों ने औसतन 267 बिलियन मीट्रिक टन बर्फ खो दी है। हर साल, और जिस दर से वे पिघल रहे हैं वह अभी भी तेज हो रहा है। आम आदमी को अब इस महामारी के दौरान ऑक्सीजन के महत्व का एहसास हो गया है।

  डॉ. जोशी को ‘माउंटेन मैन’ के रूप में जाना जाता है, आप  हिमालयन पर्यावरण अध्ययन और संरक्षण संगठन (HESCO) के संस्थापक हैं। उन्हें उत्तराखंड में उनके सामाजिक कार्यों के लिए पद्म भूषण  और पद्मश्री से सम्मानित किया गया। उन्होंने पिछले 36 वर्षों से खुद को संसाधन-आधारित ग्रामीण विकास के लिए समर्पित किया है और सामुदायिक सशक्तिकरण के माध्यम से ग्रामीण भारत की आर्थिक स्वतंत्रता पर ध्यान केंद्रित किया है।

यह व्याख्यान ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के हिस्से के रूप में आईसीएआर द्वारा आयोजित  व्याख्यान श्रृंखला का एक हिस्सा था।

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