राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

मध्य प्रदेश में चना मसूर सरसों की उपार्जन सीमा समाप्त

किसान हित में बड़ा फैसला 

भोपाल: किसानो को खरीदी केंद्र के अनावश्यक चक्कर लगाने, कोरोना महामारी में संक्रमण के खतरे से बचने और परिवहन पर समय और धन बचने के उद्देश्य से कृषि मंत्री श्री कमल पटेल ने चना, सरसों, की उपार्जन सीमा समाप्त करने लिए केंद्रीय कृषि मंत्री को पत्र लिखा था।

कृषि मंत्री श्री कमल पटेल, कृषि मंत्री
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कृषि मंत्री श्री कमल पटेल के अनुरोध एवं उपार्जन की अधिकतम सीमा समाप्त करने के लिए भेजे गए प्रस्ताव पर भारत सरकार ने मुहर लगा दी है। भारत सरकार ने मध्यप्रदेश में चना, मसूर, सरसों की प्रति व्यक्ति, प्रतिदिन अधिकतम उपार्जन सीमा को समाप्त कर दिया है। मंत्री श्री पटेल ने भारत सरकार को 23 मई 2020 को भेजे पत्र में प्रदेश में चना, मसूर, सरसों के प्रति दिन, प्रति व्यक्ति अधिकतम उपार्जन सीमा जो कि 25 क्विंटल थी। कोविड-19 संक्रमण काल में इस सीमा को बढ़ाकर 40 क्विंटल प्रतिदिन, प्रति किसान कर दिया गया था। कृषि मंत्री श्री पटेल ने इस सीमा को भी किसानों के हित में समाप्त करने का अनुरोध किया था। 

भारत सरकार ने कृषि मंत्री के अनुरोध को स्वीकार करते हुए मध्य प्रदेश में चना, मसूर, सरसों के प्रतिदिन, प्रति व्यक्ति 40 क्विंटल की उपार्जन सीमा को समाप्त कर दिया है। अब किसान चना मसूर सरसों की जितनी उपज है, उसे लेकर मंडी में आ सकता है औरविक्रय कर सकता है। फैसले से उत्साहित श्री कमल पटेल ने अतिरिक्त उपार्जन का हिसाब लगते हुए कृषक जगत को एक मुलाक़ात  में बताया की चना और सरसों की अतिरिक्त मात्र खरीदी होने से मध्य प्रदेश के किसानो को बाज़ार मूल्य के आधार पर लगभग 762 करोड़ रुपए का अतिरिक्त लाभ होगा।

श्री पटेल ने पिछली कांग्रेस सरकार की तुलना करते हुए बताया की बीजेपी सरकार चना , सरसों में  लगभग 3600 करोड़ रुपये की ज्यादा खरीदी कर रही है। साथ ही विपणन वर्ष 1920-21 के लिए चना, सरसों उपार्जन की मात्र उत्पादन के औसत अनुसार बढाई गयी है।

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पिछले वर्ष कांग्रेस सरकार  द्वारा चने की कुल खरीद 5.83 लाख मीट्रिक टन की तुलना में बीजेपी सरकार  ने खरीद की मात्र 11.13 लाख मीट्रिक टन कर दी है, जिसका मूल्य 5425 करोड़ रुपये होता है। वहीँ सरसों में भी कांग्रेस सरकार ने केवल 1.86 लाख मीट्रिक टन की खरीदी की थी, जबकि बीजेपी सरकार इस वर्ष दूने  से भी अधिक 4.18 लाख मीट्रिक टन सरसों (1849 करोड़ रूपये का ) खरीदेगी। इस प्रकार अतिरिक्त उपार्जन से बाज़ार मूल्य के आधार पर किसानों को 232 करोड़ रूपये का लाभ होगा।

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चना, मसूर, सरसों ख़रीद  की अंतिम तिथि बढ़ेगी  

श्री पटेल ने प्रदेश में चना, मसूर, सरसों के उपार्जन की अंतिम तिथि 30 मई को बढ़ाए जाने के लिये प्रमुख सचिव को निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि चना, मसूर, सरसों का उपार्जन विलंब से प्रारंभ होने से अंतिम तिथि का बढ़ाये जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग से प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा गया है। श्री पटेल ने कृषक जगत को बताया की मुख्य मंत्री के निर्देशानुसार किसान की उपज का हर दाना ख़रीदा जाएगा । आवश्यक होने पर वे ख़रीदी की तारीख़ 30 जून भी कर सकते हैं ।

बारदानों के लिये केन्द्रीय मंत्री को पत्र लिखा

किसानो के हितो के लिए सजग एवं सतत सक्रिय श्री कमल पटेल ने बारदानों की आपूर्ति के लिये केन्द्रीय उपभोक्ता मामले खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री रामविलास पासवान को पत्र भी लिखा है। उन्होंने मध्यप्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2020-21 में गेहूँ, चना, मसूर एवं सरसों के उपार्जन के लक्ष्य को देखते  हुए समुचित तादाद  में बारदानों की उपलब्धता  के लिये अनुरोध किया है। श्री  पटेल ने केन्द्रीय मंत्री को व्यक्तिगत रूप से फ़ोन पर बात कर 10 हजार गठान जूट बारदाना की अतिरिक्त आवश्यकता  बताई । बारदानों की अतिरिक्त सप्लाई जल्द आएगी ।

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