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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

PM Kisan: एक खतौनी में 2-4 भाइयों का नाम, क्या सभी को मिलेंगे सालाना ₹6000? जानें क्या है नियम  

06 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली: PM Kisan: एक खतौनी में 2-4 भाइयों का नाम, क्या सभी को मिलेंगे सालाना ₹6000? जानें क्या है नियम-  प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सरकार हर साल ₹6,000 की आर्थिक सहायता देती है। यह रकम तीन बराबर किस्तों में ₹2,000-₹2,000 करके बैंक खाते में भेजी जाती है। ऐसे में उन परिवारों के बीच अक्सर सवाल रहता है, जिनकी जमीन के रिकॉर्ड में एक ही खतौनी पर दो, चार या उससे ज्यादा भाइयों के नाम दर्ज हैं। क्या ऐसी स्थिति में हर भाई को अलग-अलग ₹6,000 का लाभ मिल सकता है? इसका जवाब सिर्फ खतौनी में नाम दर्ज होने से तय नहीं होता, बल्कि किसान की पात्रता और जमीन के रिकॉर्ड की स्थिति भी महत्वपूर्ण होती है।

एक खतौनी में कई नाम होने से सभी को नहीं मिलता ₹6000

PM Kisan का लाभ लेने के लिए केवल जमीन के रिकॉर्ड में नाम होना ही पर्याप्त नहीं है। योजना के तहत पात्र भूमिधारक किसान परिवार (landholding farmer family) की पहचान संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के भूमि रिकॉर्ड के आधार पर की जाती है। इसलिए यदि एक ही जमीन या खतौनी में कई लोगों के नाम दर्ज हैं, तो यह देखना जरूरी है कि उनमें से प्रत्येक की जमीन की हिस्सेदारी और किसान परिवार की स्थिति रिकॉर्ड में किस तरह दर्ज है। यानी केवल यह कहने से कि एक खतौनी में चार भाइयों के नाम हैं, यह तय नहीं हो जाता कि चारों को अलग-अलग ₹6,000 मिलेंगे।

अलग-अलग किसान परिवार हैं तो मिल सकता है लाभ

PM-KISAN के आधिकारिक FAQ में बताया गया है कि अगर एक ही जमीन पर एक से ज्यादा भूमिधारक किसान परिवार के नाम दर्ज हैं और प्रत्येक परिवार योजना की दूसरी पात्रता शर्तें पूरी करता है, तो प्रत्येक पात्र किसान परिवार को ₹6,000 तक का लाभ मिल सकता है। इसका मतलब यह हुआ कि अगर भाइयों की जमीन की हिस्सेदारी अलग-अलग दर्ज है और वे नियमों के अनुसार अलग-अलग पात्र किसान परिवार माने जाते हैं, तो प्रत्येक परिवार के लिए PM-KISAN का लाभ मिलना संभव है।

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पति-पत्नी और नाबालिग बच्चों को माना जाता है एक परिवार

PM-KISAN में परिवार की परिभाषा भी समझना जरूरी है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार योजना में पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों को एक किसान परिवार माना जाता है। इसलिए परिवार के हर सदस्य के नाम पर अलग से ₹6,000 का दावा नहीं किया जा सकता। योजना का लाभ पात्र किसान परिवार के आधार पर दिया जाता है। वहीं अलग-अलग भाइयों की स्थिति में यह देखना जरूरी होगा कि वे अलग किसान परिवार के रूप में पात्र हैं या नहीं और भूमि रिकॉर्ड में उनकी हिस्सेदारी किस तरह दर्ज है।

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जमीन का रिकॉर्ड क्यों है जरूरी?

PM-KISAN में लाभार्थियों की पहचान के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू भूमि रिकॉर्ड व्यवस्था का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए जमीन की हिस्सेदारी, मालिकाना रिकॉर्ड और संबंधित किसान परिवार की जानकारी सही होना जरूरी है। अगर जमीन का रिकॉर्ड अपडेट नहीं है या उसमें हिस्सेदारी स्पष्ट नहीं है, तो किसान को लाभ मिलने में परेशानी हो सकती है। ऐसे मामलों में संबंधित राजस्व रिकॉर्ड की स्थिति की जांच कराना जरूरी है।

₹6000 पाने के लिए ये बातें भी जरूरी

PM-KISAN के तहत पात्र किसान परिवार को सालाना ₹6,000 की सहायता तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। इसके लिए किसान का योजना में सही तरीके से पंजीकरण होना और आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है। वर्तमान में PM-KISAN पोर्टल पर e-KYC अनिवार्य बताई गई है। इसके अलावा योजना में कुछ श्रेणियों को लाभ से बाहर रखा गया है। इसलिए जमीन के रिकॉर्ड में नाम होने के बावजूद हर व्यक्ति अपने आप PM-KISAN का पात्र नहीं हो जाता।

किसान ऐसे समझें अपना मामला

अगर एक ही खतौनी में 2, 3 या 4 भाइयों के नाम दर्ज हैं, तो सबसे पहले यह देखना होगा कि:

  • वे योजना की किसी अपात्रता वाली श्रेणी में तो नहीं आते।
  • जमीन में प्रत्येक भाई की हिस्सेदारी किस तरह दर्ज है।
  • क्या संबंधित भाई अलग किसान परिवार के रूप में पात्र हैं।
  • भूमि रिकॉर्ड में उनकी स्थिति सही और अपडेट है या नहीं।
  • PM-KISAN में उनका पंजीकरण हुआ है या नहीं।
  • आवश्यक e-KYC पूरी है या नहीं।

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