राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

इफको नैनो यूरिया को पेटेंट मिला

4 जुलाई 2022, नई दिल्ली इफको नैनो यूरिया को पेटेंट मिला – विश्व में सर्वप्रथम भारत इफको द्वारा नैनो तकनीक का इस्तेमाल करके नैनो यूरिया तैयार किया गया है। यह इफको नैनो यूरिया तरल माध्यम में पाया जाता है, जो पारंपरिक यूरिया का एक कारगर विकल्प है।

इफको नैनो यूरिया को पेटेंट मिला
Advertisements
Advertisement
Advertisement

नैनो यूरिया की 1 बोतल का प्रयोग प्रभावी रूप से कम से कम 1 बैग यूरिया की जगह ले सकता है। आईसीएआर – के.वी.के, अनुसंधान संस्थानों, राज्य कृषि विश्वविद्यालयों और भारत के प्रगतिशील किसानों के सहयोग से 11,000 स्थानों पर 90 से अधिक फसलों पर इसका परीक्षण किया गया है।

भारत सरकार द्वारा इफको के नैनो यूरिया को पेटेंट प्रमाणित

भारत सरकार ने 1 जुलाई 2022 को इफको नैनो यूरिया पेटेंट प्रमाण पत्र प्रदान किया। पेटेंट (पेटेंट संख्या 400681) ‘नैनो बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर’, इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) के नाम पर है। आविष्कारक का नाम श्री रमेश रलिया है। यूरिया से नैनो नाइट्रोजन के निर्माण की प्रक्रिया को पेटेंट प्रदान किया गया है। इसमें यूरिया की धीमी गति से निकलने की प्रक्रिया और पौधों द्वारा उपयोग में वृद्धि की प्रक्रिया भी शामिल है। पेटेंट अधिनियम 1970 के अनुसार पेटेंट 25 दिसंबर 2019 से 20 वर्षों के लिए वैध है।

महत्वपूर्ण खबर: किसान खुद कर सकेंगे मोबाइल एप से अपनी फसल की गिरदावरी

Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement