राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

एनआईटी राउरकेला ने टमाटर परिवहन के लिए कम लागत वाला कूलिंग चैंबर विकसित किया

08 जनवरी 2025, नई दिल्ली: एनआईटी राउरकेला ने टमाटर परिवहन के लिए कम लागत वाला कूलिंग चैंबर विकसित किया – एनआईटी राउरकेला की एक टीम ने टमाटर के भंडारण और परिवहन में आने वाली चुनौतियों को हल करने के लिए एक अभिनव और किफायती कूलिंग चैंबर डिजाइन किया है। यह मोबाइल और जीरो-एनर्जी डिवाइस वाष्पीकरणीय शीतलन (इवैपोरेटिव कूलिंग) के सिद्धांत पर काम करता है, जिसमें कम लागत वाली इन्सुलेशन परत का उपयोग कर तापमान को 16–18 डिग्री सेल्सियस पर बनाए रखा जाता है।

₹1.4 लाख की लागत से विकसित यह चैंबर 750–1,000 किलोग्राम तक का उत्पाद स्टोर कर सकता है और खराब होने वाले सामानों को संरक्षित करने के लिए आदर्श है। इसकी गतिशीलता इसे ट्रक, ट्रैक्टर, छोटे पिकअप और यहां तक कि ट्रेलर जैसे विभिन्न वाहनों पर माउंट करने की अनुमति देती है, जिससे कुशल परिवहन के लिए लचीलापन मिलता है।

इस डिवाइस की सबसे खास बात इसकी ऊर्जा दक्षता है, क्योंकि इसे किसी बाहरी बिजली आपूर्ति की आवश्यकता नहीं होती। वाष्पीकरणीय शीतलन को सक्षम करने के लिए यह गीले पैड का उपयोग करता है, जो स्वाभाविक रूप से तापमान को कम करता है और ताजे उत्पादों के लिए आवश्यक आर्द्रता के स्तर को बनाए रखता है।

यह यूनिट पोर्टेबल वर्जन में भी उपलब्ध है, जो सब्जी विक्रेताओं और वितरकों जैसे छोटे उपयोगकर्ताओं के लिए उपयुक्त है। परियोजना से जुड़े प्रोफेसर मधुरेश द्विवेदी ने इसे खराब होने वाले उत्पादों के परिवहन में क्रांति लाने और एक पर्यावरण-अनुकूल समाधान प्रदान करने में सक्षम बताया।

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टीम में कई प्रोफेसरों, शोधकर्ताओं और पीएचडी स्कॉलरों ने भाग लिया और उन्होंने अपनी इस नवाचार को 24 दिसंबर को नई दिल्ली में राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस कार्यक्रम के दौरान “टमाटर ग्रैंड चैलेंज” में प्रस्तुत किया। इस नवाचार से किसानों और व्यापारियों को काफी लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे कृषि उत्पादों का बेहतर भंडारण और बर्बादी कम हो सकेगी।

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उपभोक्ता मामलों के विभाग, भारत सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल के सहयोग से टमाटर मूल्य श्रृंखला के विभिन्न स्तरों पर अभिनव विचारों को आमंत्रित करते हुए “टमाटर ग्रैंड चैलेंज (टीजीसी)” नामक एक हैकाथॉन शुरू किया था।

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